फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kashmir Hurriyat leader Bilal Gani Lone likely to join mainstream politics soon

कश्मीर: चुनावी राजनीति में शामिल हो सकते हैं हुर्रियत नेता बिलाल गनी लोन, जानें क्या होगा इसका असर

Tue, 25 Oct 2022 03:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार एएनआई, श्रीनगर
एएनआई, श्रीनगर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 25 Oct 2022 03:46 PM IST
सार

बिलाल गनी लोन की आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से सक्रिय चुनावी राजनीति में शामिल होने की संभावना है।ऐसे समय में जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां जारी हैं, वह बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

विज्ञापन
kashmir Hurriyat leader Bilal Gani Lone likely to join mainstream politics soon
Bilal Gani Lone - फोटो : ANI

विस्तार

कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेता एवं जम्मू-कश्मीर पीपुल्स इंडिपेंडेंट मूवमेंट के अध्यक्ष बिलाल गनी लोन जल्द ही मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हो सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से इसका खुलासा किया है। बिलाल गनी लोन वरिष्ठ अलगाववादी नेता अब्दुल गनी लोन के बेटे और सज्जाद लोन के भाई हैं। उनके पिता की श्रीनगर के ईदगाह में हत्या कर दी गई थी।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, बिलाल लोन की आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से सक्रिय चुनावी राजनीति में शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि उनके पिता अलगाववादी धड़े में शामिल होने से पहले तीन बार विधायक रहे थे। इसलिए अगर बिलाल मुख्यधारा की राजनीति में आते हैं तो वह उस विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे समय में जब प्रदेश में चुनाव होने की तैयारियां जारी हैं, वह बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
विज्ञापन


बिलाल लोन जल्द ही हुर्रियत कांफ्रेंस से अलविदा कह सकते हैं और उत्तरी कश्मीर से आगामी विधानसभा के चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिलाल लोन का मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होना एक बड़ा बदलाव होगा। घाटी में उनके भाई सज्जाद लोन के अलगाववादी राजनीति से विदाई लेने के बाद यह किसी भी हुर्रियत नेता का दूसरा बड़ा पलायन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह राजनीतिक विकास कश्मीर घाटी की राजनीतिक गतिशीलता में एक बड़े बदलाव की अंतर्दृष्टि है, जहां हुर्रियत और अलगाववादी राजनीति हर गुजरते दिन के साथ अप्रचलित और अप्रासंगिक होती जा रही है। मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होने के बिलाल लोन के फैसले के साथ, कई नेता अलगाववाद के साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव पर भी फिर से विचार कर सकते हैं, जो उन्हें पुराने राजनीतिक गुटों को त्यागने और लोकप्रिय राजनीति के साथ एकीकरण की प्रासंगिकता और अंतिम आवश्यकता के बारे में सोचने के लिए मजबूर करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed