{"_id":"6357b78bfb9f0c08aa06f57d","slug":"kashmir-hurriyat-leader-bilal-gani-lone-likely-to-join-mainstream-politics-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर: चुनावी राजनीति में शामिल हो सकते हैं हुर्रियत नेता बिलाल गनी लोन, जानें क्या होगा इसका असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर: चुनावी राजनीति में शामिल हो सकते हैं हुर्रियत नेता बिलाल गनी लोन, जानें क्या होगा इसका असर
Tue, 25 Oct 2022 03:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार
एएनआई, श्रीनगर
एएनआई, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 25 Oct 2022 03:46 PM IST
सार
बिलाल गनी लोन की आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से सक्रिय चुनावी राजनीति में शामिल होने की संभावना है।ऐसे समय में जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां जारी हैं, वह बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
विज्ञापन
Bilal Gani Lone
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेता एवं जम्मू-कश्मीर पीपुल्स इंडिपेंडेंट मूवमेंट के अध्यक्ष बिलाल गनी लोन जल्द ही मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हो सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से इसका खुलासा किया है। बिलाल गनी लोन वरिष्ठ अलगाववादी नेता अब्दुल गनी लोन के बेटे और सज्जाद लोन के भाई हैं। उनके पिता की श्रीनगर के ईदगाह में हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, बिलाल लोन की आने वाले दिनों में औपचारिक रूप से सक्रिय चुनावी राजनीति में शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि उनके पिता अलगाववादी धड़े में शामिल होने से पहले तीन बार विधायक रहे थे। इसलिए अगर बिलाल मुख्यधारा की राजनीति में आते हैं तो वह उस विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे समय में जब प्रदेश में चुनाव होने की तैयारियां जारी हैं, वह बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
विज्ञापन
बिलाल लोन जल्द ही हुर्रियत कांफ्रेंस से अलविदा कह सकते हैं और उत्तरी कश्मीर से आगामी विधानसभा के चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिलाल लोन का मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होना एक बड़ा बदलाव होगा। घाटी में उनके भाई सज्जाद लोन के अलगाववादी राजनीति से विदाई लेने के बाद यह किसी भी हुर्रियत नेता का दूसरा बड़ा पलायन होगा।
विज्ञापन
यह राजनीतिक विकास कश्मीर घाटी की राजनीतिक गतिशीलता में एक बड़े बदलाव की अंतर्दृष्टि है, जहां हुर्रियत और अलगाववादी राजनीति हर गुजरते दिन के साथ अप्रचलित और अप्रासंगिक होती जा रही है। मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होने के बिलाल लोन के फैसले के साथ, कई नेता अलगाववाद के साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव पर भी फिर से विचार कर सकते हैं, जो उन्हें पुराने राजनीतिक गुटों को त्यागने और लोकप्रिय राजनीति के साथ एकीकरण की प्रासंगिकता और अंतिम आवश्यकता के बारे में सोचने के लिए मजबूर करेगा।