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कश्मीर: हिजबुल कमांडर के साथ गिरफ्तार डीएसपी के खाते और संपत्तियों की होगी जांच

Tue, 14 Jan 2020 10:16 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 14 Jan 2020 10:16 PM IST
सार

  • पूछताछ में जुटी सुरक्षा एजेंसियों ने खंगाले दस्तावेज
  • वीरता नहीं बल्कि बहादुरी के लिए मिला था पदक
  • दक्षिणी कश्मीर में पूछताछ, आतंकियों को रखा गया है अलग कमरे में

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Kashmir: dsp davinder singh bank account and assets to be investigated, arrested with militant
निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह के मामले में जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को डीएसपी के बैंक खाते और अन्य संपत्तियों की जांच की। पूछताछ में जुटी एजेंसियों ने इससे जुड़े दस्तावेज भी खंगाले हैं। आतंकियों के साथ कनेक्शन की भी छानबीन करने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि आतंकियों के साथ गठजोड़ के कई राज सामने आ सकते हैं। 

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जांच में जुटी एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में यह पता चला कि पिछले साल भी डीएसपी ने आतंकी नवीद को जम्मू पहुंचाया था। यहां ठहरने तथा इलाज के बाद उसे शोपियां तक सुरक्षित पहुंचाया था। माना जा रहा है कि वह इस बार नवीद को चंडीगढ़ ले जा रहा था। वहां दो महीने तक रहने के लिए उसने किराये के रूप में 12 लाख रुपये लिए थे। डीएसपी के बयानों में काफी विरोधाभास है। इसे पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के आधार पर मिलान किया जाएगा। दक्षिणी कश्मीर में चल रही पूछताछ के दौरान आतंकियों को अलग कमरे में रखा गया है। 

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पहले भी कई मामलों में रहा है चर्चित 

डीएसपी पहले भी कई मामलों में चर्चित रहा है। 1990 में वह सब इंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्त हुआ था। प्रोबेशन के दौरान उसने व उसके साथी ने एक ट्रक से बरामद नारकोटिक्स बेच दी थी। उसकी बर्खास्तगी को तत्कालीन एक आईजी ने मानवीय आधार पर रोक दी थी। इसके बाद दोनों को एसओजी में भेज दिया गया था। 1997 में बडगाम में तैनाती के दौरान फिरौती मांगे जाने की शिकायत पर उसे पुलिस लाइन में भेज दिया गया था। 2015 में तत्कालीन डीजीपी के राजेंद्रा ने उसकी तैनाती शोपियां तथा पुलवामा जिला मुख्यालय में की। पुलवामा में गड़बड़ी की शिकायत पर तत्कालीन डीजीपी डा. एसपी वैद ने अगस्त 2018 में उसे एंटी हाइजैकिंग विंग में भेज दिया।  इसकी जांच भी हुई थी। 

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वीरता नहीं बल्कि बहादुरी पदक मिला था

जम्मू कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को कहा कि ऐसी खबरें सही नहीं हैं कि हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए गए निलंबित पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वीरता पदक से नवाजा गया था। पुलिस ने कहा कि उन्हीं के नाम के एक अन्य अधिकारी को पदक मिला था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट किया कि यह स्पष्ट किया जाता है कि डीएसपी देविंदर सिंह को गृह मंत्रालय से कोई बहादुरी पदक नहीं दिया गया था। उन्हें केवल 2018 के स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व जम्मू कश्मीर राज्य द्वारा उनकी सेवा के लिए बहादुरी पदक दिया गया था।

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