कश्मीर साइबर हमले में बड़ा खुलासाः पीडीडी के सर्वरों को रैनसमवेयर वायरस से बनाया गया था निशाना
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कश्मीर में विद्युत विकास विभाग (पीडीडी) के चार सर्वरों में रैनसमवेयर वायरस से हमला किया गया था। बिजली विभाग को आई एक ई-मेल से इसका खुुलासा हुआ है। फिलहाल चारों सर्वर पूरी तरह से बंद हैं। डेटा रिकवर न होने पर नए सिरे से अपलोडिंग की जा सकती है। इसमें वक्त लग सकता है। इससे बिलिंग समेत अन्य कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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सूत्रों के अनुसार आगामी दस दिनों तक कामकाज ठप रहने की संभावना है। हालांकि पहले डाटा रिकवर करने की बात कही जा रही थी मगर सोमवार को यह काम नहीं हो पाया। इस मसले पर श्रीनगर में बैठक भी हुई। बैठक में आईटी एक्सपर्ट को बुलाने पर सहमति बनी है।
मुख्य अभियंता मेटेनेंस एजाज डार ने बताया कि सर्वरों को अलग किया जाएगा। इसमें रैनसमवेयर वायरस का हमला हुआ है। हैकर ने पूरा डाटा हैक किया है। ऐसे में अन्य सर्वरों पर भी डाटा हैक होने की आशंका बनी हुई है। सोमवार को सर्वरों को चालू नहीं किया गया है। अब आईटी एक्सपर्ट के आने के बाद ही आगामी फैसला लिया जाना है। वायरस अटैक और डेटा हैकिंग का खुलासा विभाग के पास आई ई-मेल हो चुका है।
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रैनसमवेयर वायरस का हमला कर फिरौती मांगते हैं हैकर
रैनसमवेयर वायरस के देशभर में कई हमले हो चुके हैं। हैकर इस वायरस का हमला कर डेटा चुरा लेते हैं। कंप्यूटर का डेटा और अन्य सॉफ्टवेयर फिर से पहले वाली स्थिति में चलाने के लिए फिरौती मांगी जाती है। विद्युत विभाग से कितनी फिरौती मांगी गई है, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है।