कश्मीर: सिर्फ एक भाजपा प्रत्याशी की जमानत बची
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भारतीय जनता पार्टी का कश्मीर घाटी में ‘मिशन 44 प्लस’ न सिर्फ फ्लाप हुआ, बल्कि उसके प्रत्याशियों की जमानत तक नहीं बची। भाजपा ने कश्मीर घाटी की 46 विधानसभा सीटों में से 34 में अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सिर्फ मोती कौल ही अपनी जमानत बचा पाए।
श्रीनगर जिले के हब्बा कदल से भाजपा ने कौल को उम्मीदवार बनाया था। कम मतदान वाले इस विधानसभा क्षेत्र में मात्र 21 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। उसमें कौल को 2,596 मत मिले। एक समय कौल की जमानत भी जब्त हो रही थी। वह सातवें स्थान पर लुढ़क गए थे।
सातवें से दूसरे स्थान पर पहुंच गए
हालांकि जब विस्थापित पंडितों की गिनती शुरू हुई तो उसमें कौल सातवें से दूसरे स्थान पर पहुंच गए। नेशनल कांफ्रेंस शमीम फिरदौस ने उन्हें 2360 मतों से पराजित किया है। इस विधानसभा क्षेत्र से 11 प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमें नौ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
भाजपा ने अमीरा कदल से हीना भट को मैदान में उतारा था और उन्हें उम्मीद थी कि वह घाटी में उनका खाता खोलेगी। लेकिन वह भी अपनी जमानत नहीं बचा पाई। हीना को कुल 1359 मत मिले और वह तीसरे स्थान पर रही। इस विस सीट से 14 उम्मीदवार खड़े थे, जिसमें 12 की जमानत जब्त हुई।