फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kasheer bhavani mela, srinagar

Jammu News: क्षीर भवानी मेले में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का रंग हुआ गाढ़ा, मुस्लिमों ने बढ़ चढ़कर की भागीदारी

Mon, 29 May 2023 02:10 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Mon, 29 May 2023 02:10 AM IST
विज्ञापन
kasheer bhavani mela, srinagar
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन




श्रीनगर। ज्येष्ठ अष्टमी पर मध्य कश्मीर का गांदरबल जिला मां राघेन्या की भक्ति में डूबा नजर आया। तुलमुला स्थित माता क्षीर भवानी मंदिर में रविवार को आयोजित मेले में देशभर से आए कश्मीरी पंडितों ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी और घाटी में सकुशल वापसी व प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की। अलसुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर मां राघेन्या के जयकारों से गूंजता रहा। मेले में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़ चढ़कर भागीदारी की, जिससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का रंग और गाढ़ा हुआ। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी माथा टेका। मेले के दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए थे। जवानों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को विफल बनाया जा सके। वहीं, करीब एक सप्ताह से मेला स्थल और आसपास के इलाकों में तैयारियां जोरों पर थीं। जानकारी के अनुसार करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई है।



स्थानीय लोगों ने कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदेश व दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, हिमाचल प्रदेश, बरेली, चंडीगढ़ और राजस्थान सहित देशभर से आए श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। दिनभर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन चलता रहा। महिलाएं भजन कीर्तन में लीन रहीं। भक्तों ने दूध, खीर तथा गुलाब के फूल पवित्र जलकुंड में चढ़ाए और शांति-सद्भावना तथा समृद्धि की मन्नतें मांगीं। वहीं, उप राज्यपाल ने ज्येष्ठ अष्टमी के शुभ अवसर पर सभी प्रदेशवासियों खास कर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों को हार्दिक बधाई दी। संदेश में उन्होंने कहा कि माता क्षीर भवानी का आशीर्वाद हमें धर्म के मार्ग पर मार्गदर्शन करता रहे और आने वाले वर्षों में सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
विज्ञापन


मेले में आए एक भक्त ने कहा कि यहां आकर बहुत खुश हूं। मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के युवाओं को त्योहार की व्यवस्था करते हुए देखकर खुशी हुई। श्रद्धालुओं का कहना है कि हमें विश्वास है कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल का संदेश देश दुनिया में फैलेगा। जम्मू से आए अशोक काचरू ने कहा कि गांदरबल में क्षीर भवानी मेला एक त्योहार से कहीं अधिक है। यह परंपरा और एकता को दर्शाता है। सुभाष कौल ने बताया हम यहां दो-तीन साल से आ रहे हैं। यहां बहुत खुश और आनंदित महसूस कर रहे हैं। यहां के लोग बहुत मददगार और स्वागत करने वाले हैं। हम यहां बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सभी से यहां आने और आनंद लेने का अनुरोध कर रहे हैं। अजा भट ने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में शांति होगी। इस तरह का माहौल बहुत ही जबरदस्त होता है, क्योंकि हमारे बच्चे यहां बहुत खुश हैं। बच्चे यहां स्थानीय कश्मीरियों से मिलेंगे और यह मुलाकात उनके बंधन को मजबूत करेंगे। स्थानीय कश्मीरी इरफान नक्शबंदी ने कहा कि आज हमारे पंडित भाइयों का त्योहार है। यह त्योहार भाईचारे और शांति का प्रतिनिधित्व करता है। यह सभी को एकजुट करता है, चाहे हिंदू, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों। यह सभी का त्योहार है।
विज्ञापन
विज्ञापन




महबूबा ने टेका माथा, बोलीं-पंडितों की गरिमामय वापसी की प्रार्थना की

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने कहा कि उन्होंने घाटी में कश्मीरी पंडितों की गरिमापूर्ण वापसी के लिए प्रार्थना की। मैं यहां अपने कश्मीरी पंडित भाइयों का स्वागत करने आया हूं जो जम्मू और अन्य जगहों से आए हैं। हम यहां इन लोगों की गरिमापूर्ण वापसी की दुआ करने के लिए हैं ताकि एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम-कश्मीरी पंडित कश्मीर में भाईचारे के साथ रह सकें। हम उस भाईचारे को वापस चाहते हैं। हमारे मुस्लिम भाई भी यही चाहते हैं।



कुल देवी हैं माता क्षीर भवानी



क्षीर भवानी कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों की कुल देवी हैं। दुनिया में जहां भी कश्मीरी पंडित हैं वह ज्येष्ठ माह की अष्टमी को यहां पहुंचने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि यहां पर भगवान हनुमान माता को जल स्वरूप अपने कमंडल में लाए थे। कहते हैं कि जिस दिन इस जल कुंड का पता चला वह ज्येष्ठ माह की अष्टमी थी। इसलिए हर साल इसी दिन मेला लगता है।



हालात और समय के साथ रंग बदलता है जल कुंड

माता को प्रसन्न करने के लिए दूध और शक्कर में पकाए चावलों का भोग चढ़ाने के साथ-साथ पूजा-अर्चना व हवन किया जाता है। मान्यता है कि माता आज भी इस जल कुंड में माता वास करती हैं। जल कुंड वक्त और हालात के साथ रंग बदलता है।

यहां लगता है क्षीर भवानी मेला



जम्मू में एक और कश्मीर में पांच मंदिरों में क्षीर भवानी मेलों का आयोजन किया जाता है। जम्मू के जानीपुर, कश्मीर के गांदरबल के तुलमुला, कुलगाम के मंजगाम व देवसर, अनंतनाग के लोगरीपोरा और कुपवाड़ा के टिक्कर में राघेन्या भगवती मंदिर में मेले का आयोजन होता है। इनमें विशाल चिनार के पेड़ों की छाया में बसे तुलमुला के क्षीर भवानी मंदिर में बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित माता का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं।




1912 में हुआ था मंदिर का निर्माण

इस मंदिर का निर्माण 1912 में महाराजा प्रताप सिंह ने कराया था। बाद में महाराजा हरि सिंह ने जीर्णोद्धार कराया। यह कश्मीरी पंडितों का प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यता है कि रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर मां राघेन्या ने दर्शन दिए थे। इसके बाद रावण ने उनकी स्थापना श्रीलंका की कुलदेवी के रूप में की थी। कुछ समय बाद रावण के व्यवहार और बुरे कर्मों के चलते देवी नाराज हो गईं और श्रीलंका से जाने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद जब भगवान राम ने रावण का वध कर दिया तो उन्होंने हनुमान को यह काम दिया कि वह उनकी पसंदीदा स्थान चुनें और स्थापित करें। इस पर देवी ने कश्मीर के तुलमुला को चुना। मान्यता है कि वनवास काल में राम राघेन्या माता की आराधना करते थे। क्षीर भवानी माता अनहोनी का संकेत पहले ही दे देती हैं। मंदिर के कुंड यानी चश्मे के पानी का रंग बदल जाता है। इसका जिक्र आइने अकबरी में भी है। हर साल पूजा से पहले मंदिर के कुंड में दूध और खीर अर्पित करते हैं। इस खीर से चश्मे का पानी रंग बदलता है। खीर का मतलब दूध और भवानी का मतलब भविष्यवाणी है। यही कारण है कि झरने की मंदिर में बहुत महत्ता है। इस विचार से यहां के मुसलमान और पंडित दोनों सहमत हैं। यहां के मुस्लिमों का मानना है कि ये हमारे लिए तीर्थ है, हमारी मुरादें पूरी होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed