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J&K News: महबूबा मुफ्ती ने संभल हिंसा को संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया, कहा- ‘देश की पहचान संकट में है'
Tue, 26 Nov 2024 02:23 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 26 Nov 2024 02:23 PM IST
सार
महबूबा मुफ्ती ने संविधान दिवस पर देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ते खतरों और संविधानिक मूल्यों के कमजोर होने पर चिंता जताई।
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि संविधान दिवस के मौके पर यह देखना दुखद है कि देश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय अत्यधिक खतरों का सामना कर रहा है। पीडीपी प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा का जिक्र किया, जहां एक अदालत के आदेश पर मुघल कालीन मस्जिद के सर्वे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान चार लोग मारे गए थे।
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मंगलवार को सरकार ने संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए सालभर चलने वाले समारोहों की शुरुआत की। महबूबा मुफ्ती ने अपने पोस्ट में लिखा आज जब हम संविधान दिवस मना रहे हैं, यह दुखद है कि हमारे देश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय अत्यधिक खतरों का सामना कर रहा है। उनका सम्मान, जीवन, आजीविका और पूजा स्थल हमलों का शिकार हो रहे हैं, जो संविधान द्वारा हर नागरिक के लिए समान अधिकार और सम्मान की गारंटी के खिलाफ है।
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उन्होंने संभल में हुई हिंसा को एक दर्दनाक याद बताया, जहां पांच लोग मारे गए। महबूबा ने कहा मस्जिदों के नीचे मंदिरों की तलाश का यह रुझान जारी है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति, जैसे वे 1947 में थे, वैसी ही बनी रहनी चाहिए। यह भी कहा कि संविधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है। यदि हम जो भारत के विचार में विश्वास करते हैं, यदि हम इन मूल्यों की रक्षा के लिए खड़े नहीं होते, तो हमारा देश अपनी अद्वितीय पहचान खो सकता है और हमारे पड़ोसियों जैसा हो सकता है।
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