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जूडो मैट से बोट बनाकर बचाई दूसरों की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 12 Sep 2014 01:57 AM IST
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बख्शी स्टेडियम श्रीनगर की चौथी मंजिल पर छह दिन तक फंसे जम्मू संभाग के खिलाड़ियों के लिए जहां उनके अभिभावक चिंता में थे, उन्होंने ही साहस का परिचय देते हुए कई लोगों की जानें बचाईं। उन्होंने दिखाया कि वे मैदान के तो शेर हैं हीं, बाढ़ जैसी मुसीबत को झेलने की भी क्षमता रखते हैं।
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पहली बार प्राकृतिक आपदा का सामना करने वाले दर्जनों युवा खिलाड़ियों ने अपनों की जान बचाने के लिए जूडो के मैट की वोट बना डाली। इसमें कई ने अपनी जान की परवाह किए बिना साथियों और अन्य लोगों को कई फीट पानी से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया और उनकी जान बचाई। मुश्किल घड़ी में सुरक्षित निकालने के लिए खिलाड़ियों ने सीआरपीएफ, सेना और वायुसेना का आभार जताया है।
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इस बीच जम्मू में वीरवार को घाटी से एयरलिफ्ट करके लाए गए दर्जनों खिलाड़ियों से अभिभावकों को राहत मिली। घाटी से वीरवार लौटे वुशू खिलाड़ी वंश ने बताया कि गत चार सितंबर को बारिश रुक जाने पर सामान्य था लेकिन अगले दिन यूथ हास्टल में अचानक 30-35 फीट पानी पहुंच गया। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है।
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इस बीच मेघदूत बनकर पहुंचे सीआरपीएफ के जवानों ने सौ से अधिक खिलाड़ियों को यूथ हास्टल से सुरक्षित निकालकर बख्शी स्टेडियम तक पहुंचाया। बख्शी स्टेडियम में भी करीब साठ फीट तक पानी पहुंच गया था। कई दिन तक चौथी मंजिल पर फंसे खिलाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला।
एक अन्य वुशू खिलाड़ी अभिषेक शर्मा ने बताया कि उनके कोच अजय पाल गिल, अरुण सिंह चाड़क और बांडीपुरा के युवा सज्जाद ने अति साहस दिखाते हुए दर्जनों खिलाड़ियों और अन्य लोगों को बाहर निकाला। बख्शी स्टेडियम के आसपास कई क्षेत्रों में अभी भी 15 फीट तक पानी जमा है।