अमरनाथ यात्रा में इस बार कुछ खास होगी सुरक्षा व्यवस्था
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लगभग दो माह चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की विशेष तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि यात्रा शिविरों में बनाए जाने वाले ज्वाइंट कंट्रोल रूम को इस बार आधुनिक साजो सामान से लैस किया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा के समय तत्काल बचाव कार्य किया जा सके।
भले वह प्राकृतिक आपदा हो या फिर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या हो। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल एनएन वोहरा ने उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बैठक में उच्च पुलिस अधिकारियों के अलावा अर्द्धसैनिक बल, एयरफोर्स और केंद्र व राज्य खुफिया एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।
खुफिया एजेंसियों ने राज्य की सुरक्षा से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट रखी। दो जुलाई से बालटाल और पहलगाम मार्ग से यात्रा आरंभ होगी। यात्रा कैंप में कार्य करने वाले ज्वाइंट कंट्रोल रूम को आधुनिक बनाया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंधन इकाइयों, मौसम विभाग, यात्रा मार्ग में तैनात डाग स्कवायड, हिमस्खलन की एडवांस चेतावनी, आधुनिक उपकरणों से लैस अग्निशमन इकाइयों, श्रद्धालुओं के सामानों की जांच के लिए स्कैनिंग मशीनों जैसी सेवाओं से ज्वाइंट कंट्रोल सीधे संपर्क में रहेंगे।
इसके अलावा इस बार यात्रा मार्ग के कुछ जटिल स्थानों पर माउंटेन रेस्क्यू टीमों को तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा के समय श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सके।
जानिए, कहां-कहां बनेंगे कंट्रोल रूम
नीलग्राथ, पंजतरणी और पहलगाम हेलीपैड पर नियंत्रण व्यवस्था की गई है। राज्यपाल वोहरा ने पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बल, श्राइन बोर्ड और तमाम एजेंसियों को आपसी तालमेल के जरिए श्रद्धालुओं की प्रभावशाली व योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही बालटाल और नुनवन बेस कैंप के अलावा दोमेल व चंदनवाड़ी में विशेष कंट्रोल रूम बनाने पर विचार हुआ।
राज्यपाल ने डीजीपी और जम्मू व कश्मीर के मंडलायुक्तों को तमाम व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने को कहा। राज्यपाल ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि यात्री को वैध परमिट की तिथि और दर्ज यात्रा मार्ग से ही अनुमति दी जाए, जो उन्होंने पंजीकरण के दौरान दर्ज करवाई है।
विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल अरविंद दत्ता ने यात्रा की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य और यात्रा सुरक्षित बनाने के किए गए उपायों का विवरण था। बैठक में मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे, 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा, डीजीपी के राजेंद्रा, सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल प्रकाश मिश्रा, श्राइन बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी व अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।