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जेकेएसआरटीसी : वित्तीय अनियमितता मामले में कुछ और पर गिर सकती है गाज
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (जेकेएसआरटीसी) में वित्तीय अनियमितता करने वालों और भी अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में कारपोरेशन की विशेष विभागीय टीम जांच कर रही है। कारपोरेशन के कामकाज में पारदर्शिता लाने और वित्तीय संकट से उबारने के लिए विशेष नीति पर काम हो रहा है।
जेकेएसआरटीसी प्रदेश में सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसके बेड़े में पांच से अधिक यात्री वाहन हैं। इनमें 488 के करीब ऑपरेशनल हैं। इसके बावजूद जेकेएसआरटीसी लगातार घाटे में चल रही है। इसका सबसे बड़ा कारण कारपोरेशन में वित्तीय अनियमितता का होना भी है। ऐसे में जेकेएसआरटीसी अब कारपोरेशन के काम में पारदर्शिता लाने के साथ वित्तीय संकट से उबारने की योजना बन रही है। गौरतलब है कि कारपोरेशन के नए एमडी अंग्रेज सिंह राणा ने वित्तीय अनियमितता और कर्तव्यों की लापरवाही पर चालक सहित दो सहचालकों पर कड़ी कार्रवाई की है।
पहला मौका नहीं है जब जेकेएसआरटीसी में ऐसा मामला सामने आया है। वर्ष 2019 में कारपोरेशन की दो बसों में 6.9 लाख रुपये और 90 किलो भुक्की पंजाब पुलिस ने पकड़ा था। इस मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। कारपोरेशन के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी मामलों की जांच चल रही है। अगले कुछ समय में कई अन्य कार्रवाई होगी। श्रीनगर में सबसे अधिक मामले प्रकाश में आए हैं, जहां पर कारपोरेशन की गाड़ियों को निजी तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
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जेकेएसआरटीसी प्रदेश में सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसके बेड़े में पांच से अधिक यात्री वाहन हैं। इनमें 488 के करीब ऑपरेशनल हैं। इसके बावजूद जेकेएसआरटीसी लगातार घाटे में चल रही है। इसका सबसे बड़ा कारण कारपोरेशन में वित्तीय अनियमितता का होना भी है। ऐसे में जेकेएसआरटीसी अब कारपोरेशन के काम में पारदर्शिता लाने के साथ वित्तीय संकट से उबारने की योजना बन रही है। गौरतलब है कि कारपोरेशन के नए एमडी अंग्रेज सिंह राणा ने वित्तीय अनियमितता और कर्तव्यों की लापरवाही पर चालक सहित दो सहचालकों पर कड़ी कार्रवाई की है।
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पहला मौका नहीं है जब जेकेएसआरटीसी में ऐसा मामला सामने आया है। वर्ष 2019 में कारपोरेशन की दो बसों में 6.9 लाख रुपये और 90 किलो भुक्की पंजाब पुलिस ने पकड़ा था। इस मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। कारपोरेशन के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी मामलों की जांच चल रही है। अगले कुछ समय में कई अन्य कार्रवाई होगी। श्रीनगर में सबसे अधिक मामले प्रकाश में आए हैं, जहां पर कारपोरेशन की गाड़ियों को निजी तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
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