पावर बजट: J&K के लोगो को 2019 तक 24 घंटे बिजली देने का वादा
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रियासत के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए राज्य सरकार ने 100 फीसदी सरचार्ज माफी संबंधी एमनेस्टी स्कीम की अवधि को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इसकी मियाद 31 मार्च को समाप्त हो गई थी।
सभी उपभोक्ताओं, उद्योगों, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 2019 तक सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी घोषणा वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने सोमवार को विधानसभा में पावर बजट पेश करते हुए की।
वित्त मंत्री ने कहा कि बिना बिजली वाले 107 गांव और 3.56 लाख घरों में 2018-19 तक बिजली पहुंचाने की योजना है। पावर फार आल रोडमैप डाक्यूमेंट ऊर्जा मंत्रालय तथा उसकी एजेंसियों की मदद से तैयार कराया गया है। इसे 2019 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से एमओयू पर हस्ताक्षर शीघ्र किया जाएगा।
एमनेस्टी स्कीम की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ी
पावर खरीद पर मार्च 2016 तक 7 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिस पर 1260 करोड़ रुपये सालाना सरचार्ज की अदायगी की जा रही है। द्राबू ने कहा कि 7 हजार करोड़ बकाया की भरपाई के लिए पावर बांड लाने की पिछली बजट में घोषणा की गई थी। इस बीच, केंद्र सरकार ने उदय योजना शुरू कर दी। इसके तहत पीडीडी ने केंद्र सरकार से 3537.55 करोड़ के लिए एमओयू किया है।
इसमें से 2140 करोड़ ले लिया गया। शेष 1397.55 करोड़ इस वित्तीय वर्ष में लिया जाएगा। इसके अलावा शेष बकाया भुगतान के लिए पावर बांड जारी किया जाएगा। बिजली की खरीद औसतन 7.72 रुपये प्रति यूनिट जबकि आपूर्ति औसतन 3.64 रुपये पर किया जाता है। खरीद और बिक्री में प्रति यूनिट 4.18 रुपये का अंतर है।
द्राबू ने कहा कि कम बिजली किराया, उच्च लाइन लास, खराब मीटर, उपभोक्ताओं की ओर से लोड के विपरीत अनियंत्रित बिजली खपत, अवैध कनेक्शन और सुरक्षा बलों व माइग्रेंट कैंप के अस्थायी कनेक्शन से वसूली न होना, नगर निकायों की ओर से पब्लिक लाइट का भुगतान न करना, सरकारी कार्यालयों से भुगतान न होने की वजह से कम राजस्व की प्राप्ति होती है। लाइन लास को पूरी तरह रोकने के लिए 100 फीसदी मीटर लगाया जाएगा। वर्ष 2019-20 तक लाइन लास 15 प्रतिशत तक करने की योजना है।
निकायों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट एलईडी लगाए जाएंगे
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम के तहत पावर सेक्टर के लिए 11400 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इससे गुलमर्ग, पहलगाम, रंगरेथ, कटड़ा और बाड़ी ब्राह्मणा में स्मार्ट ग्रिड बनेंगे। छोटे हाइडल प्रोजेक्टों के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु 2000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
जम्मू व श्रीनगर, चार इंडस्ट्रियल एस्टेट खोनमोह, लस्सीपोरा, सांबा एवं कठुआ, पर्यटक स्थलों तथा हेरिटेज स्थानों के डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 3790 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इन सब प्रयासों से अंतर 4.54 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 2 रुपये प्रति यूनिट करने में मदद मिलेगी।
द्राबू ने कहा कि पिछले दो साल से टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं हुई है। टैरिफ में 13.5 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथारिटी के पास विचाराधीन है। जेकेपीडीडी की ओर से उपभोक्ताओं को सीधे सब्सिडी की राशि दी जाएगी। इसके लिए 1728.38 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
द्राबू ने कहा कि जम्मू व श्रीनगर नगर निगम तथा अन्य निकायों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट एलईडी लगाए जाएंगे। इसके लिए अलग से मीटर लगाए जाएंगे। साथ ही अलग से फीडर भी होंगे। इसके लिए बजट में 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।