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जेके बोर्ड से पंजीकृत निजी स्कूलों का संबद्धता शुल्क बढ़ा
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जम्मू। कोरोना महामारी के बीच निजी स्कूल संचालकों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला है। जेके बोर्ड से पंजीकृत निजी स्कूलों का संबद्धता शुल्क बढ़ाया गया है। हाई स्कूल वाले निजी स्कूलों को अब 8840 रुपये जबकि हायर सेकेंडरी स्कूलों को 11050 रुपये संबद्धता शुल्क देना होगा।
निजी स्कूलों को 1 मई से 31 अगस्त तक इस शुल्क को जमा करवाने को कहा गया है। शिक्षा विभाग ने कहा कि लेट फीस जमा कराने पर जुर्माना भरना होगा। कहा गया कि एक से 30 सितंबर के बीच शुल्क जमा कराने पर पांच हजार, एक से 31 अक्तूबर तक शुल्क जमा करवाने पर आठ हजार और एक नवंबर से 31 दिसंबर के बीच शुल्क जमा कराने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों पर ट्यूशन के अतिरिक्त अन्य फीस नहीं लेने के नियम थोप रही है, लेकिन कोरोना के बीच स्कूलों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी डाल रही है। निजी स्कूलों को अपने अध्यापकों को भी वेतन देना होता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने कोविड में निजी स्कूल प्रबंधकों से अध्यापकों की सूची मांगी थी और चार महीने का वेतन देने की बात कही थी, लेकिन अभी वह पैसा हमें नहीं मिला है।
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निजी स्कूलों को 1 मई से 31 अगस्त तक इस शुल्क को जमा करवाने को कहा गया है। शिक्षा विभाग ने कहा कि लेट फीस जमा कराने पर जुर्माना भरना होगा। कहा गया कि एक से 30 सितंबर के बीच शुल्क जमा कराने पर पांच हजार, एक से 31 अक्तूबर तक शुल्क जमा करवाने पर आठ हजार और एक नवंबर से 31 दिसंबर के बीच शुल्क जमा कराने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों पर ट्यूशन के अतिरिक्त अन्य फीस नहीं लेने के नियम थोप रही है, लेकिन कोरोना के बीच स्कूलों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी डाल रही है। निजी स्कूलों को अपने अध्यापकों को भी वेतन देना होता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने कोविड में निजी स्कूल प्रबंधकों से अध्यापकों की सूची मांगी थी और चार महीने का वेतन देने की बात कही थी, लेकिन अभी वह पैसा हमें नहीं मिला है।
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