जेहादी पहले अपने बच्चों की कुर्बानी दें: जितेंद्र सिंह
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प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने तथाकथित जेहादियों से भोले-भाले लोगों के बच्चों का इस्तेमाल करने से पहले अपने बच्चों की कुर्बानी देकर मिसाल पेश करने को कहा है। कश्मीर हिंसा पर पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि देश के साथ ही जम्मू-कश्मीर के लोगों और युवाओं को शिक्षित तथा प्रेरित करने की जरूरत है।
उनको यह बताना होगा कि तथाकथित जेहाद तथा आजादी की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं से पूछा जाए कि उनके बच्चे दूसरे राज्यों व विदेशों में क्यों रहते हैं और नौकरी क्यों करते हैं। घाटी के हालात तथा बच्चों को आतंकवाद की राह में धकेलने संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत का नजरिया आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस का है।
उन्होंने घाटी में हालात को बिगाड़ने संबंधी नेकां तथा कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि वे यह दुष्प्रचारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा के शासन के नए मॉडल की वजह से लोगों की जानें जा रहीं हैं।
कश्मीर मुद्दा है ही नहीं, आतंकवाद पर भारत का रवैया जीरो टॉलरेंस का
डॉ. सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर है। उन्होंने नेकां और कांग्रेस को याद दिलाया कि 2010 की हिंसा में 100 से अधिक लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर कोई मुद्दा नहीं है।
दोनों देशों के मध्य अगर कोई मुद्दा है तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से को वापस लेने का है। भारतीय संसद ने 1994 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा है कि दोनों पड़ोसी देशों के मध्य अगर कोई लंबित मामला है तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर को वापस लेने का है।
उन्होंने पाकिस्तान की ओर से आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद पर भारत के रवैये से कई बार पाकिस्तान को अवगत कराया जा चुका है। कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।
पाकिस्तान को भारत में नहीं बलूचिस्तान, बाल्टिस्तान और पीओके में मानव अधिकार उल्लंघन की चिंता करनी चाहिए। कश्मीर में अल्पसंख्यक खासतौर से कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और समाज की है। घाटी से वापस आना जवाब नहीं है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के लिए सभी उचित कदम उठाए जाएंगे और सरकार की यह प्राथमिकता भी है।