{"_id":"b936a72ec13395ef5786ee0e7167a9a1","slug":"jammu-university-school-attached-to-e-pg-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: ई-पीजी पाठशाला से जुड़ा जम्मू विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: ई-पीजी पाठशाला से जुड़ा जम्मू विश्वविद्यालय
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 18 Nov 2014 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से मास्टर डिग्री प्रोग्राम के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अंतर्गत ई-पीजी पाठशाला से जम्मू विश्वविद्यालय जुड़ चुका है। 1.12 करोड़ की राशि ई-पीजी पाठशाला के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वीकृत की है, जिसमें अब तक सात लाख की राशि जारी हुई है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, जम्मू यूनिवर्सिटी के इकोनामिक्स डिपार्टमेंट में (ग्लोबल) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या अध्ययन के लिए स्नातकोत्तर कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्टडी और लर्निंग मैटेरियल तैयार होंगे जो आडियो, वीडियो, मल्टी मीडिया रिकार्डिंग के द्वारा भी विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
इसके लिए ढांचागत सुविधा तैयार करने के लिए यूजीसी के तहत मानव संसाधान विकास मंत्रालय द्वारा ई-पीजी पाठशाला को लेकर तैयार प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिससे यहां के विद्यार्थियों को जनसंख्या अध्ययन(पोपुलेशन स्टडीज) विषय लेकर ई-पीजी कोर्स करने में आनलाइन सुविधा हासिल हो सकेगी।
विज्ञापन
जबकि इंटरनेट पर कोर्स मैटेरियल भी हासिल होगा। उल्लेखनीय है कि जनसंख्या अध्ययन में सोलह पेपर शामिल हैं, जिन्हें चालीस-चालीस माड्यूल्स के रूप में तैयार किया जाएगा। जिसके आधार पर 640 टेक्सट मैटेरियल तैयार होंगे। हालांकि जम्मू यूनिवर्सिटी में मल्टीमीडिया सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है जिससे कश्मीर यूनिवर्सिटी या पटियाला यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट से संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
वहीं, जम्मू यूनिवर्सिटी के इकोनामिक्स डिपार्टमेंट के प्रो. फलेंद्र कुमार सूदन ने बताया कि यह ई -पीजी पाठशाला इकोनामिक्स डिपार्टमेंट से संचालित होगी। अबतक 1.12 करोड़ की मंजूर राशि में से सात लाख जारी हुए हैं, जिसके आधार पर विभाग में ढांचागत सुविधा तैयार की जा रही है।