जम्मू विश्वविद्यालय स्थापना दिवस आज: विवि ने देश को दिए कई जज, वैज्ञानिक और IAS अधिकारी
जम्मू विश्वविद्यालय ने देश को जज, वैज्ञानिक और आईएएस, केएएस अफसर दिए हैं। इसके अलावा यहां से पढ़े छात्रों ने संगीत, एक्टिंग और अन्य क्षेत्रों में भी नाम कमाया है। कई छात्र बड़े-बड़े पदों पर बैठे हैं।
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जम्मू विश्वविद्यालय पांच सितंबर को 53वां स्थापना दिवस मना रहा है। इतने सालों में विश्वविद्यालय ने देश को जज, वैज्ञानिक और आईएएस, केएएस अफसर दिए हैं। इसके अलावा यहां से पढ़े छात्रों ने संगीत, एक्टिंग और अन्य क्षेत्रों में भी नाम कमाया है। कई छात्र बड़े-बड़े पदों पर बैठे हैं। राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया है। बदलते जम्मू-कश्मीर में विश्वविद्यालय ने काफी तरक्की की और आज रैंकिंग में ए प्लस ग्रेड भी हासिल किया है। सोमवार को स्थापना दिवस समारोह में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्यातिथि होंगे। इसमें पूर्व छात्रों को भी बुलाया गया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह जम्मू विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर रहे हैं। उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की। उन्होंने कहा कि विवि को स्थापित करने के लिए जम्मू के लोगों और छात्रों ने मिलजुलकर लड़ाई लड़ी है। आज वह जो कुछ हैं, वह विवि की देन है। सभी छात्रों, शिक्षकों और सहपाठियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं।
विवि के अकादमिक मामलों के डीन प्रोफेसर नरेश पादा ने कहा कि उन्होंने 1985 में एमफिल और 1992 में पीएचडी की थी। उस समय सुविधाओं का अभाव था। विज्ञान का ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं था। उन्हें देश के अन्य शोध संस्थानों में सामग्री और शोेध यंत्रों के लिए जाना पड़ता था, लेकिन अब हर एक चीज विवि में ऑनलाइन उपलब्ध है। छात्रों व शोधार्थियों के लिए सुविधाएं हैं। ऑडोटोरियम से लेकर क्लास रूप की उचित व्यवस्था है। आज विवि में 50 से अधिक विभाग और केंद्र संचालित हैं।
जम्मू विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक आईमा ने कहा, देश दुनिया में आज विवि की अलग पहचान है। समाज हित में विवि का बहुमूल्य योगदान है। देश ही नहीं विदेशों से भी छात्र यहां पढ़ाई के लिए आ रहे हैं।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर प्रकाश अंताल ने कहा कि उन्होंने पीजी से लेकर पीएचडी जम्मू विवि से की है। उसके बाद वह कॉलेज में सहायक आचार्य बने। उनके लिए फक्र की बात है कि उन्हें इसी विवि में शिक्षक बनने का मौका मिला।
विवि के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अरविंद जसरोटिया ने कहा कि जब वह विवि के छात्र या शोधार्थी थे। उस समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इतनी विकसित नहीं थी, लेकिन अब विवि ने काफी तरक्की कर ली है। हर चीज डिजिटलाइज हो गई है।
पुरातन छात्र परिषद के 6 सदस्य कुलपति रहे
जम्मू विश्वविद्यालय में पुरातन छात्र परिषद के छह सदस्य पूर्व कुलपति हैं। सभी इसी विवि से पढ़े हैं। इनमें पूर्व प्रमुख सचिव और केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के पहले कुलपति प्रो. एसएस बलोरिया, केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के दूसरे कुलपति प्रो. अशोक आइमा, जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और महाराजा रंजीत सिंह टेक्नीकल यूनिवर्सिटी पंजाब के पूर्व वीसी प्रो. मोहनपाल सिंह इशर, जम्मू विवि के पूर्व वीसी प्रो. आरडी शर्मा, डीआईटी देहरादून के पूर्व कुलपति प्रो. केके नाथ शामिल हैं।
जेयू के ये छात्र बने जज, वैज्ञानिक और आईएएस
डीआरडीओ के निदेशक डॉ. सुदर्शन कुमार, यूएसए में वैज्ञानिक डॉ. सुषमा भट्ट, डॉ. सरिता कचरो, डीआरडीओ के वैज्ञानिक डॉ. अशोक यादव, यूएसए में वैज्ञानिक डॉ. संजय कौल, एसएसपीएल के वैज्ञानिक डॉ. शिव कुमार और सिंगापुर में वैज्ञानिक डॉ. रोमेश राव ने भी जम्मू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।
जम्मू विश्वविद्यालय ने देश को जज और आईएएस अधिकारी भी दिए हैं। इनमें देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर, सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली और केंद्र सरकार के पूर्व गृह सचिव आईएएस अनिल गोस्वामी शामिल हैं। इसके अलावा थियेटर की दुनिया में बड़ा नाम पद्मश्री बलवंत ठाकुर भी जम्मू विवि की देन है। विवि से पढ़े छात्र संगीत की दुनिया में भी नाम कमा रहे हैं, इनमें डॉ. जितेंद्र सिंह, राधिका चोपड़ा (दोनों दिल्ली में), सीमा शर्मा (मुंबई) शामिल हैं।