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चाइल्ड हेल्प डेस्क जम्मू रेलवे स्टेशन पर खोएं बच्चों के लिए बना वरदान, साल 2018 में मिले 79 बच्चे
Tue, 25 Dec 2018 08:10 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 25 Dec 2018 08:10 PM IST
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चाइल्ड हेल्प डेस्क
- फोटो : फाइल
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अपने परिवार से बिछड़कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले मासूम बच्चों के लिए चाइल्ड हैल्प डेस्क वरदान साबित हो रहा है। 2018 में जम्मू रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर एक पर शुरू हुआ हैल्प डेस्क ने 2018 में 79 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया है।
स्टेशन पर स्थापित चाइल्ड हैल्प डेस्क रेलवे की नए पहल थी। इसका मुख्य उद्देश्य बिछड़े बच्चों को सही-सलामत उनके परिजनों से मिलाना है। जम्मू रेलवे स्टेशन पर मई माह में रेलवे हैल्प डेस्क को स्थापित किया गया था। इस दौरान डेस्क के सदस्यों ने बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया।
डेस्क के एक सदस्य ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले अधिकांश बच्चे डरे सहमे होते है। हम बच्चों को जब अपने पास लेते तो उन्हें सबसे पहले उनकी मेडिकल जांच की जाती है। उसके बाद सोशल वेलफेयर विभाग के साथ मिल कर बच्चों को शेल्टर होम में रखा जाता है। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ की मदद से बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई जाती है।
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स्टेशन पर भीख मांगने वाले बच्चों की करते है काउंसिलंग
चाइल्ड हैल्प डेस्क स्टेशन प्लेटफार्म और परिसर में भीख मांगने वाले बच्चों की काउंसिलंग करता है। इन बच्चों को समझाया जाता है। चाइल्ड हैल्प डेस्क के एक सदस्य ने कहा भीख मांगने वाले अधिकांश बच्चों में रोहिंग्या बच्चे होते है। कुछ केस में बच्चों के माता-पिता को भी भीख मांगते पकड़ा जाता है।
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स्टेशन पर स्थापित चाइल्ड हैल्प डेस्क रेलवे की नए पहल थी। इसका मुख्य उद्देश्य बिछड़े बच्चों को सही-सलामत उनके परिजनों से मिलाना है। जम्मू रेलवे स्टेशन पर मई माह में रेलवे हैल्प डेस्क को स्थापित किया गया था। इस दौरान डेस्क के सदस्यों ने बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया।
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डेस्क के एक सदस्य ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले अधिकांश बच्चे डरे सहमे होते है। हम बच्चों को जब अपने पास लेते तो उन्हें सबसे पहले उनकी मेडिकल जांच की जाती है। उसके बाद सोशल वेलफेयर विभाग के साथ मिल कर बच्चों को शेल्टर होम में रखा जाता है। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ की मदद से बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई जाती है।
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स्टेशन पर भीख मांगने वाले बच्चों की करते है काउंसिलंग
चाइल्ड हैल्प डेस्क स्टेशन प्लेटफार्म और परिसर में भीख मांगने वाले बच्चों की काउंसिलंग करता है। इन बच्चों को समझाया जाता है। चाइल्ड हैल्प डेस्क के एक सदस्य ने कहा भीख मांगने वाले अधिकांश बच्चों में रोहिंग्या बच्चे होते है। कुछ केस में बच्चों के माता-पिता को भी भीख मांगते पकड़ा जाता है।