कई बीमारियों से बचाएगी यह हेल्थ ड्रिंक
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आईआईआईएम का कहना है कि यह ड्रिंक रक्त शोधक के रूप में काम करेगा। इसमें विटामिन बी 12 पाया जाता है। यह विटामिन केवल जानवरों में पाया जाता है। शाकाहारी में इस विटामिन की कमी होती है। इस कमी को यह ड्रिंक पूरा करेगा।
विटामिन बी 12 खून को पतला करता है। इसके साथ ही लीवर के लिए भी उपयोगी है। लीवर की रक्षा कर पीलिया की रोकथाम में सहायक है। लू के लिए यह रामबाण है। कूलिंग इफेक्ट के कारण इसके सेवन से लू किसी भी कीमत पर नहीं लगेगी। इसके साथ ही मूत्र संबंधी परेशानियों को भी दूर करेगा।
संस्था के वैज्ञानिक डॉ. आरके रैना का कहना है कि फालसा में तमाम औषधीय गुण हैं। इसका वर्णन आयुर्वेद में भी है। चूंकि इसका फल बहुत दिनों तक टिका नहीं रहता है। इस वजह से संस्थान ने हेल्थ ड्रिंक तैयार करने का फैसला किया। यह ड्रिंक छह महीने तक सुरक्षित रह सकता है। ड्रिंक का अल्फा-बीटा टेस्ट भी कराया गया है।
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से करार
संस्थान के निदेशक डॉ. राम विश्वकर्मा का कहना है कि संस्था ने सवा लाख से अधिक फालसा हेल्थ टॉनिक के टेट्रा पैक तैयार किए हैं। इसे माता वैष्णो देवी ट्रैक पर बिक्री के लिए उतारा गया है।
संस्था का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि इससे मिलने वाले पैसे से शिवालिक रीजन में विलुप्त हो रहे फालसा की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
फालसा के पौधे इको फ्रेंडली भी हैं। इसके पौधे छोटे होते हैं तथा पत्तियां काफी बड़ी होतीं हैं। इस वजह से इन पौधों से आक्सीजन अधिक मिलता है। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से यात्रा ट्रैक के दोनों ओर इसकी खेती के लिए बातचीत चल रही है।
संस्थान के निदेशक का कहना है कि फालसा की पूर्वांचल में बहुत अधिक खेती होती है। वाराणसी के चिरईगांव तथा इलाहाबाद में यह काफी पाया जाता है, लेकिन वहां इस प्रकार का ड्रिंक तैयार नहीं हो पाया।
संस्था के फार्मूले से वहां भी इस प्रकार का ड्रिंक तैयार किया जा सकता है। इससे रोजगार सृजन तो होगा ही, साथ ही किसानों की माली हालत में भी सुधार होगा।