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जम्मू की पहली टेस्टिंग लैब GMC में!
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 10 Mar 2015 08:30 PM IST
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स्वाइन फ्लू, इबोला जैसी संक्रमित बीमारियों से संभाग के लोगों को राहत मिल सकेगी। दस जिलों पर जीएमसी में पहली टेस्टिंग लैब का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल के पुराने ड्रग स्टोर कांप्लेक्स को तोड़कर पहले आइसोलेशन वार्ड का निर्माण किया जा रहा है।
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इसके अलावा आठ बेड का एक अलग सामान्य वार्ड भी स्थापित होगा। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता के अनुसार इस प्रोजेक्ट को तीन माह में मुकम्मल किया जाना है। इससे मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
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उल्लेखनीय है कि डेंगू, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां हर साल स्वास्थ्य महकमे के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत पीड़ितों को उचित इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड का न होना है।
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हर साल ऐसी बीमारियों की दस्तक पर ही आइसोलेशन सहित अन्य सुविधाओं पर ध्यान जाता है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इसके लिए जीएमसी में अलग से आइसोलेशन वार्ड का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 12 केबिन अटैच बाथरूम होंगे।
किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार ऐसे केबिन स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य एक सामान्य वार्ड भी तैयार किया जा रहा है। ढांचागत सुविधाओं का निर्माण होने के बाद टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।
अभी तक स्वाइन फ्लू में संदिग्ध मरीजों के थूक और खून के सैंपल की जांच के लिए दिल्ली की लैबोरेटरी पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इसमें रिपोर्ट के कई दिन बाद पहुंचने से पीड़ितों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
संभाग के दस जिलों पर सरकारी स्तर पर अभी तक कोई टेस्टिंग लैबोरेटरी स्थापित नहीं है। आइसोलेशन वार्ड और टेस्टिंग लैब के प्रोजेक्ट के लिए 6.28 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।