जम्मू: हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े कारोबारी को परिवार समेत बनाया बंधक, 15 लाख रुपये लूट कर ले गए
गांधीनगर में बुधवार सुबह लुटेरों ने एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और करीब पांच से छह लाख की नकदी लूट कर फरार हो गए।
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जम्मू में दिनदहाड़े एक नामी कारोबारी के परिवार को बदमाशों ने साढ़े पांच घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान पिस्टल और टोके का डर दिखाकर 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि बाद में 15 लाख रुपये लेकर भाग निकले।
शहर के पॉश इलाके गांधी नगर प्ले फील्ड के बिल्कुल सामने नामी कारोबारी राकेश अग्रवाल का परिवार रहता है। उनका बेटा एडवोकेट और बहू डॉक्टर है। बुधवार सुबह 7 बजे के करीब राकेश अपने घर के बाहर सैर कर रहे थे। इस दौरान हरे रंग की जैकेट पहने 10 लोग उनके पास आए।
पहले खुद को साइबर पुलिस का हिस्सा बताया उसके बाद कहा पुलिस के लोग हैं। कारोबारी कुछ समझते तब तक वह सभी लोग उन्हें धकेलते हुए घर के अंदर ले गए। अंदर पहुंचते ही आरोपियों ने देसी कट्टे और तेजधार हथियार निकाल लिए। कहा, घर में जितने भी लोग हैं, वह एक कमरे में आ जाएं।
इसके बाद सबको बंधक बना लिया। इनमें राकेश के अलावा उनकी पत्नी मधु, बेटे साहिब और बहू पलकी और घर में काम करने वाले दो अन्य लोग थे। हालांकि उनको बांधा नहीं। न ही मोबाइल फोन छीने। इस दौरान आरोपियों ने 15 करोड़ रुपये का बंदोबस्त करने को कहा।
आरोपियों ने कहा कि जहां कहीं भी फोन करना चाहते हैं, वहां फोन करें और कहें कि उनको पैसों की जरूरत है। इसी को लेकर आपस में कई घंटों तक बात होती रही। अंत में 12.20 मिनट पर सभी आरोपी घर से निकल गए। जाते समय 15 लाख रुपये की नकदी ले गए।
पहले 6 निकले, फिर 4 राकेश की कार में गए
राकेश का कहना है कि 10 में से 6 लोग पहले निकल गए। इसके बाद जो 4 लोग बचे थे, उन्होंने कहा कि वह अपनी कार बाहर निकालें। इसके बाद राकेश की कार में चारो आरोपी बैठ गए। गांधी नगर अस्पताल के बाहर सभी आरोपी उतर गए। यहां से राकेश कार लेकर घर आ गए।
पंजाब और जम्मू के थे बदमाश
अग्रवाल परिवार का कहना है कि आरोपियों में से छह लोग पंजाबी बोल रहे थे, जबकि चार हिंदी में बात कर रहे थे। आशंका है कि छह लोग पंजाब के थे और बाकी जम्मू के थे। छह लोग आपस में पंजाबी में ही बात कर रहे थे।
सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी ले गए
बदमाश इतने शातिर थे कि उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरे घर की रेकी की। वारदात को अंजाम देने के बाद जाते समय अपने साथ सीसीटीवी की पूरी रिकार्डिंग साथ ले गए। राकेश अग्रवाल के घर में कैमरे लगे हैं। गेट के ठीक ऊपर भी कैमरा लगा है। बदमाशों को पता था कि उनकी रेकी से लेकर घर में घुसने तक की पूरी रिकॉर्डिंग हो चुकी है। इसलिए वह रिकॉर्डिंग लेकर चले गए।
पॉश इलाके में किसी को भनक तक नहीं
राकेश अग्रवाल का घर सड़क के ठीक किनारे है। इसके ठीक सामने बच्चों के खेलने का मैदान है। पास में ही दो भाइयों के घर हैं। हैरानी की बात है कि साढ़े पांच घंटे तक वह अपने घर में बंधक रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। एक बिंदु यह भी है कि इन छह घंटों मेें उनके घर कोई आया नहीं। आरोपियों के बारे में पिलहाल कुछ भी पता नहीं चला।
पहचान के लिए पुलिस बनाएगी स्केच
सूत्रों का कहना है कि पुलिस आरोपियों के स्केच बनाएगी, ताकि इनकी पहचान की जा सके। पहली बार पॉश इलाके में इस तरह से बंधक बनाकर कारोबारी परिवार से फिरौती मांगने से दहशत है।
नामी कारोबारी के घर की थी फायरिंग
इससे पहले भी इसी इलाके में नामी कारोबारी नागर सिंह के घर पर बदमाशों ने हमला किया था। उनके घर पर फायरिंग करने के साथ ही बियर की बोतलें फेंकी थीं।