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श्रीनगर में तनाव के बीच मनाई महानवमी, सोनवार के दुर्गा मंदिर में की पूजा-अर्चना
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श्रीनगर। श्रीनगर में हाल ही में आतंकियों द्वारा की गई अल्पसंख्यक समुदाय के तीन लोगों और एक मजदूर की हत्या के बाद पनपे तनाव के बीच वीरवार को महानवमी मनाई गई। इस उपलक्ष्य पर सोनवार इलाके में स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की गई।
कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ गैर रियासती हिंदुओं और कुछ पर्यटकों ने पूजा में भाग लिया। मंदिर समिति के सदस्य ने बताया कि 12 अक्तूबर को भी पूजा-अर्चना की जानी थी, लेकिन मौजूदा हालातों के चलते प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। लेकिन हालात में थोड़ा सुधार होने के बाद अब अनुमति दी गई। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालु पिछले वर्ष से काफी कम हैं। लेकिन जितने पहुंचे, आज के हालातों में इतने की भी उम्मीद नहीं थी।
बता दें कि पूजा-अर्चना और हवन में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कश्मीर में शांति के लिए विशेष आरती की गई। पर्यटक रमेश अरोड़ा ने कहा कि वह दिल्ली से आए हैं और आज यहां मंदिर में माथा टेका। साक्षी कौल ने बताया कि वह यहीं नौकरी करती हैं और आज के दिन हर वर्ष मंदिर में पूजा के लिए आती हैं। आज हालातों का असर जरूर दिख रहा है, जो रौनक यहां हर साल हुआ करती थी, उसके मुकाबले बहुत काम है। जम्मू से श्रद्धालु आया करते थे, लेकिन इस बार उनकी भी संख्या न के बराबर है।
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कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ गैर रियासती हिंदुओं और कुछ पर्यटकों ने पूजा में भाग लिया। मंदिर समिति के सदस्य ने बताया कि 12 अक्तूबर को भी पूजा-अर्चना की जानी थी, लेकिन मौजूदा हालातों के चलते प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। लेकिन हालात में थोड़ा सुधार होने के बाद अब अनुमति दी गई। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालु पिछले वर्ष से काफी कम हैं। लेकिन जितने पहुंचे, आज के हालातों में इतने की भी उम्मीद नहीं थी।
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बता दें कि पूजा-अर्चना और हवन में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कश्मीर में शांति के लिए विशेष आरती की गई। पर्यटक रमेश अरोड़ा ने कहा कि वह दिल्ली से आए हैं और आज यहां मंदिर में माथा टेका। साक्षी कौल ने बताया कि वह यहीं नौकरी करती हैं और आज के दिन हर वर्ष मंदिर में पूजा के लिए आती हैं। आज हालातों का असर जरूर दिख रहा है, जो रौनक यहां हर साल हुआ करती थी, उसके मुकाबले बहुत काम है। जम्मू से श्रद्धालु आया करते थे, लेकिन इस बार उनकी भी संख्या न के बराबर है।
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