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सुधरेंगे हालात: पाकिस्तान के आगे चट्टान बने गांवों की बदलेगी तकदीर, सड़क संग शिक्षा और इस मुद्दे पर रहेगा जोर

Mon, 09 Jun 2025 04:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 09 Jun 2025 04:00 PM IST
सार

पाकिस्तान के सामने चट्टान बने सीमावर्ती गांवों की सूरत बदलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के ग्रामीणों को प्रथम प्रहरी की श्रेणी दी है। अब बड़ी योजनाओं में हिस्सेदारी मिलेगी। सड़क, शिक्षा और सुरक्षा पर काम होगा। 100 फीसदी केंद्र की हिस्सेदारी वाली योजना नए आयाम तय करेगी।
 

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Jammu News Border Villages in Jammu Set for Transformation Know Details in Hindi
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटा गांव शाहपुर - फोटो : संवाद

विस्तार

पाकिस्तान के सामने चट्टान बने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों का कायाकल्प होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां बसे ग्रामीणों को प्रथम प्रहरी की श्रेणी दी है। अब जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाके भी भविष्य में केंद्र की बड़ी योजना का हिस्सा बनेंगे। 
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यहां सड़क, सुरक्षा और शिक्षा का विस्तार केंद्र की प्राथमिकता है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार इन गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर भी काम करने वाली है। ऑल वेदर कनेक्टिविटी और दो महिला बॉर्डर बटालियन भी जम्मू-कश्मीर को मिलेंगी। 
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बंकर निर्माण में तेजी आएगी और गांव अधिक सुरक्षित होंगे। केंद्र सरकार की सबसे बड़ी मदद वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण से मिलने जा रही है। 100 फीसदी केंद्र की हिस्सेदारी वाली इस योजना में पहली बार जम्मू-कश्मीर भी जुड़ गया है। 
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केंद्र सरकार ने 2023 में चीन सीमा से सटे इलाकों के लिए इस योजना को लांच किया था। उस समय जम्मू-कश्मीर को योजना से बाहर रखा गया, लेकिन चीन से सटे होने की वजह से लद्दाख को योजना का लाभ मिला था। अब केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का दूसरा चरण शुरू किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर को भी शामिल किया गया है।

वाइब्रेंट विलेज में 2029 तक बदलेगी तस्वीर
करीब 6839 करोड़ रुपये का वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2029 तक पूरा होगा। केंद्र सरकार बुनियादी विकास, सीमा विशिष्ट आउटरीच गतिविधि, स्मार्ट कक्षाओं, शिक्षा बुनियादी ढांचे, पर्यटन विकास और सीमावर्ती क्षेत्रों में विविध व टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए परियोजनाएं और धन उपलब्ध करवाएगी। इस योजना के अंतर्गत जिला प्रशासन की ओर से पंचायतों के सहयोग से वाइब्रेंट विलेज एक्शन प्लान बनाए जाएंगे और केंद्र व राज्य की योजनाओं की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
 

नौकरी और उच्च शिक्षा में तीन फीसदी दिया आरक्षण
सीमावर्ती जिलों में रहने वाले परिवारों के युवाओं को व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में दाखिले और नौकरी को लेकर आरक्षण का भी प्रावधान है। इन इलाकों में तीन फीसदी तक आरक्षण मिलता रहा है। 2021 में जम्मू संभाग के लिए यह निर्णय लिया गया था। इसमें लाभ के लिए छह किलोमीटर का दायरा प्राथमिकता में रखा गया था। जम्मू संभाग में करीब 192 किलोमीटर सीमा पाकिस्तान से लगती है।

 

प्रधानमंत्री ने की है यह घोषणा
कटड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों में ऑल वेदर कनेक्टिविटी को लेकर भी सजग है। इस क्रम में 400 गांवों में 1800 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना पर 4200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह परियोजनाएं वाइब्रेंट विलेज से अलग चलेंगी।

ये बदलाव आएंगे
-सभी मौसम अनुकूल सड़क, पर्यापत पेयजल आपूर्ति
- सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे सौर तथा पवन ऊर्जा पर केंद्रित विद्युत आपूर्ति
- मोबाइल तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी
- पर्यटक केंद्र, बहुद्देशीय सेंटर तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर और अन्य लाभ शामिल हैं।
 
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