{"_id":"67f2ee826d9912745a0ce28a","slug":"jammu-mishriwala-culture-ramnavmi-jammu-news-c-385-1-mwj1001-105853-2025-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"सच्चा गुरु निकालता है मुश्किल समय से : स्वामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सच्चा गुरु निकालता है मुश्किल समय से : स्वामी
Mon, 07 Apr 2025 02:43 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 07 Apr 2025 02:43 AM IST
विज्ञापन
रामनवमी पर मढ़ के चन्नू चक गांव में हुआ संत सम्मेलन
संवद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। सच्चा गुरु मनुष्य को मुश्किल समय से निकालता है और सफलता की ओर ले जाता है। यह ज्ञान स्वामी पूर्णानंद गिरी महाराज ने रामनवमी पर मढ़ तहसील के चन्नू चक गांव में डीडीसी सदस्य बलवीर लाल की ओर से आयोजित संत सम्मेलन में संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि गुरु आपको एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन करता है और आपको ध्यान और एकाग्रता में मदद करता है। गुरु वह है जो शिष्य को जीवनमुक्त बनने के लिए मार्गदर्शन करता है जो मुक्त आत्मा अपने जीवनकाल में मोक्ष प्राप्त करने में सक्षम है।
स्वामी ने बताया कि दान, दया और उदारता के कार्य व्यक्तियों और समुदायों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इन अभ्यासों को अपनाकर हम अपने भीतर करुणा और सहानुभूति की भावना विकसित कर सकते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सम्मेलन के अंत में लंगर भी लगाया गया।
विज्ञापन
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुखनंदन चौधरी, विधायक मढ़ सुरेंद्र भगत, बुआ बाबा कमेटी के प्रधान निर्मल सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संवद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। सच्चा गुरु मनुष्य को मुश्किल समय से निकालता है और सफलता की ओर ले जाता है। यह ज्ञान स्वामी पूर्णानंद गिरी महाराज ने रामनवमी पर मढ़ तहसील के चन्नू चक गांव में डीडीसी सदस्य बलवीर लाल की ओर से आयोजित संत सम्मेलन में संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि गुरु आपको एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन करता है और आपको ध्यान और एकाग्रता में मदद करता है। गुरु वह है जो शिष्य को जीवनमुक्त बनने के लिए मार्गदर्शन करता है जो मुक्त आत्मा अपने जीवनकाल में मोक्ष प्राप्त करने में सक्षम है।
विज्ञापन
स्वामी ने बताया कि दान, दया और उदारता के कार्य व्यक्तियों और समुदायों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इन अभ्यासों को अपनाकर हम अपने भीतर करुणा और सहानुभूति की भावना विकसित कर सकते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सम्मेलन के अंत में लंगर भी लगाया गया।
विज्ञापन
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुखनंदन चौधरी, विधायक मढ़ सुरेंद्र भगत, बुआ बाबा कमेटी के प्रधान निर्मल सिंह आदि उपस्थित रहे।