जम्मू विस्थापितों को भी मिलेगी कश्मीरी विस्थापितों के समान राहत
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कश्मीरी विस्थापितों की तरह जम्मू के विस्थापितों को भी राहत देने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है। अवमानना के मामले में कोर्ट ने 16.08 करोड़ राशि का भुगतान करने को कहा है। इसमें सात करोड़ से अधिक ब्याज की राशि होगी।
चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस ताशी रबस्टन की हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता जगदेव सिंह के वकील एचसी जलमेरिया तथा तथा केंद्र के एएसजीआई सिंधु शर्मा तथा राज्य के डिप्टी एजी एहसान मिर्जा को सुनने के बाद कहा कि जारी निर्देश का अनुपालन न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
कोर्ट ने 9.05 करोड़ रुपये 9 फीसदी ब्याज के साथ जनवरी 2010 से जारी करने के निर्देश दिए थे। प्रतिवादी की ओर से मौजूद एडवोकेट ने बताया कि 16.08 करोड़ रुपये जम्मू संभाग के 994 विस्थापितों के बीच राहत राशि के रूप में वितरित करने के लिए आदेश हो चुका है।
अधिकारियों की वजह से करोड़ों का नुकसान
कोर्ट ने यह महसूस किया कि 2004-07 के बीच 9.05 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश का अनुपालन न किए जाने की वजह से अधिकारियों ने सरकार को ब्याज के रूप में सात करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। यह सरकार के लिए आंख खोलने वाला है। खासकर वित्त विभाग के लिए जिसमें कोर्ट का आदेश पालन करने में देरी की गई।
कोर्ट ने रिलीफ कमिश्नर को चिह्नित परिवारों को आठ सप्ताह में राहत राशि वितरित करने की हिदायत दी। याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी आग्रह किया कि चिह्नित परिवारों के अलावा अन्य को भी चिह्नित करने की अनुमति दी जाए। इसके लिए वह अलग से रिलीफ कमिश्नर के यहां आवेदन करें। डिवीजन बेंच ने इस आग्रह को स्वीकार कर लिया।