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जम्मू मेट्रोलाइट परियोजना: मंडलायुक्त ने दिए ये निर्देश, तैयार की गई डीपीआर की समीक्षा की
Mon, 19 Jul 2021 01:18 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:18 PM IST
सार
मेट्रोलाइट वाहनों के मुकाबले में लोगों के लिए बेहतर साबित होगी। मंडलायुकत को बताया गया कि जम्मू मेट्रोलाइट रेल सिस्टम की लंबाई 23 किलोमीट की होगी और इसे बनतालाब और बाड़ी ब्राहम्णा स्टेशन के बीच 22 सटेशन आएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू मेट्रोलाइट की बहुप्रतीक्षित परियोजना के संरेखन के लिए मंडलायुक्त डॉ राघव लंगर ने जम्मू मास रैपिड ट्रांजिट कारपोरेशन को संबंधित विभागों से चर्चा के निर्देश दिए हैं। रविवार के मेट्रो ट्रेन के लिए तैयार की गई डीपीआर की समीक्षा करने के दौरान मंडलायुक्त ने दिशा निर्देश जारी किए।
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मंडलायुक्त ने कारपोरेशन से कहा कि वह सेना, एनएचएआई, रेलवे, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग, बिजली विभाग और इरा से मेट्रो ट्रेन के संरेखन पर चर्चा कर ले। उन्होंने कही जम्मू में कटड़ा एक्सप्रेस हाईवे, जममू रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण और नए फ्लाई ओवरों का निर्माण होना हैं। ऐसे में संबंधित विभागों के साथ संरेखन के मामले में चर्चा कर ली जाए ताकि बाद में कोई समस्या पेश न आए।
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उन्होनें कारपोरेशन को परियोजना के लिए अंतरिम कंसल्टेंट की नियुकित जल्द करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद इसे फंडिंग के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने मंडलायुकत को बताया कि उप-राज्यपाल के कार्यालय के निर्देशों पर डीपीआर समेत अन्य कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा राइटस ने लाइट मेट्रोपर 2020 में डीपीआर सौंपी थी और इसे प्रशासनिक परिषद की मंजूरी भी मिली और इसे केंद्र सरकार के पास फंडिंग के लिए भेजा गया था। इस पर आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने कुछ आपत्ति जताई थी। इसके बाद राइटस लिमिटेड ने संशोधित डीपीआर तैयार की जिसमें लाइट रेल मेट्रो के स्थान पर मेट्रोलाइट की सिफारिश की गई हैं।
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मेट्रोलाइट बनतालाब से बाड़ी ब्राहम्णा के बीच आने वाले क्षेत्रों जिसमें रूप नगर, जानीपुर, अंबफला, सचिवालय, प्रदर्शनी मैदानी, जम्मू विश्वविद्यालय, पनामा चौक, रेलवे सटेशन, ग्रेटर कैलाश, कालू चक, सिडको फैक्ट्रीज को कवर करेगी। परियोजना के लिए जम्मू में कोई बड़ा भूमि अधिग्रहण नहीं होगी। डीपीआर के तहत पूरा ट्रैक मौजूदा सड़कों पर ही इलिवेटिड किया जाएगा।