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Jammu kashmir News : किश्तवाड़ उत्तर भारत का प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र बनने के लिए तैयार

Thu, 25 Aug 2022 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 25 Aug 2022 04:08 AM IST
सार

Jammu :  यहां चल रही बिजली परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लगभग 6,000 मेगावाट (एमडब्ल्यू) बिजली पैदा होगी। यहां पैदा होने वाली बिजली का उपयोग प्रदेश में करने के बाद जो अतिरिक्त बिजली बचेगी। उसे दूसरे राज्यों को भी बेचा जाएगा। 

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Jammu : Kishtwar set to become North India's major power generation hub
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर का किश्तवाड़ उत्तर भारत में एक प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र बनने के लिए तैयार है। यहां चल रही बिजली परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लगभग 6,000 मेगावाट (एमडब्ल्यू) बिजली पैदा होगी। यहां पैदा होने वाली बिजली का उपयोग प्रदेश में करने के बाद जो अतिरिक्त बिजली बचेगी। उसे दूसरे राज्यों को भी बेचा जाएगा। 

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एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि 1000 मेगावाट की पाकल दुल परियोजना, 624 मेगावाट की किरू परियोजना, 540 मेगावाट की क्वार परियोजना और 930 मेगावाट की किरथाई परियोजना सभी एक दूसरे के समीप स्थित हैं, साथ ही 850 मेगावाट की रतले परियोजना भी है, जिसे संयुक्त उद्यम के रूप में केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा पुनर्जीवित किया गया है। नदी को मोड़ने के बाद पाकल दुल जलविद्युत परियोजना 1000 मेगावाट सक्रिय रूप से निर्माणाधीन है। इस परियोजना से सालाना 3230 मेगावाट बिजली पैदा होगी और जुलाई 2025 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
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उन्होंने कहा कि 624 मेगावाट वाली किरू जलविद्युत परियोजना भी निर्माणाधीन है। नदी का डायवर्सन हाल ही में किया गया था और पूरा होने के बाद यह सालाना 2272 मेगावाट उत्पादन करेगा। परियोजना के जुलाई 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। जबकि 540 मेगावाट वाले क्वार हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर काम 2022 में शुरू हुआ और यह परियोजना सालाना 1975 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली पैदा करेगी और नवंबर 2026 में पूरा होने का समय निर्धारित है।
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850 मेगावाट की रतले जलविद्युत परियोजना निर्माणाधीन है और जनवरी 2022 में ईपीसी अनुबंध देकर काम शुरू किया गया है। परियोजना के चालू होने की निर्धारित तिथि 10 फरवरी 2026 है और एक बार चालू होने के बाद, परियोजना सालाना 3136 एमयू बिजली उत्पन्न करेगी। उन्होंने कहा कि 930 मेगावाट की किरथाई-द्वितीय जलविद्युत परियोजना की जांच चल रही है और सालाना 3329.52 एमयू बिजली उत्पन्न करेगी। इन सभी परियोजनाओं के चालू होने से जम्मू-कश्मीर की बिजली की आवश्यकता को पूरा किया जाएगा और शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर लगभग 5,300 करोड़ रुपये और 4,500 करोड़ रुपये की लागत से रतले और क्वार(540 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जम्मू -कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में बिजली क्षेत्र को ओवरहाल करने के लिए कई सुधार शुरू किए हैं।


6500 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए
 प्रवक्ता ने कहा कि सरकार लोगों की बिजली की मांग को पूरा करने के लिए नए बिजली बुनियादी ढांचे के विकास और मौजूदा में सुधार के लिए एक मिशन मोड पर काम कर रही है। 6500 से अधिक नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली वितरण की विश्वसनीयता सुनिश्चित की गई है। पारेषण और वितरण क्षमता को बढ़ाया गया है। व्यस्त दिनों में भी अधिक बिजली की आपूर्ति की गई है। अगले तीन वर्षों में, जम्मू-कश्मीर 70 वर्षों में हासिल की गई क्षमता के बराबर क्षमता पैदा करने के लिए तैयार है।

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