जम्मू कश्मीर: दिवाली से पहले श्रमिकों को तोहफा, पारिश्रमिक 38 फीसदी तक बढ़ाया, पांच साल के लिए होगा प्रभावी
श्रम व रोजगार विभाग की आयुक्त सचिव सरिता चौहान की ओर से जारी आदेश में बताया गया है नया पारिश्रमिक 17 अक्तूबर 2022 से अगले पांच साल तक प्रभावी रहेगा। श्रमिकों के अब तक के पारिश्रमिक में यह सबसे अधिक वृद्धि की गई है।
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जम्मू-कश्मीर में श्रमिकों को दिवाली से पहले प्रदेश सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अकुशल,अर्धकुशल, कुशल, अत्यधिक कुशल और प्रशासनिक/मिनिस्ट्रियल वर्ग में औसतन 38 प्रतिशत तक पारिश्रमिक बढ़ाया है। इससे पहले वर्ष 2017 में पारिश्रमिक बढ़ाया गया था, जिसे पांच साल की अवधि के बाद दोबारा संशोधित किया गया है।
श्रम व रोजगार विभाग की आयुक्त सचिव सरिता चौहान की ओर से जारी आदेश में बताया गया है नया पारिश्रमिक 17 अक्तूबर 2022 से अगले पांच साल तक प्रभावी रहेगा। श्रमिकों के अब तक के पारिश्रमिक में यह सबसे अधिक वृद्धि की गई है।
रोजगार की श्रेणी में अकुशल वर्ग का न्यूनतम दैनिक वेतन 311 रुपये तय किया गया है। इसी तरह अर्धकुशल वर्ग में 400 रुपये, कुशल वर्ग में 483, अत्यधिक कुशल वर्ग में 552 और प्रशासनिक /मिनिस्ट्रियल वर्ग में 449 रुपये न्यूनतम दैनिक वेतन तय किया गया है।
वर्ष 2017 में अकुशल के लिए तय किए थे 225 रुपये
वर्ष 2017 में अकुशल वर्ग में 225, अर्धकुशल वर्ग में 350, अत्यधिक कुशल वर्ग में 400 और प्रशासनिक/मिनिस्ट्रियल वर्ग मं 325 रुपये न्यूनतम दैनिक वेतन था। इसी तरह वर्ष 2013 में अकुशल वर्ग में 150, अर्धकुशल वर्ग में 175, कुशल वर्ग में 225 और प्रशासनिक/सुपरवाइजर में 200 रुपये न्यूनतम दैनिक वेतन निर्धारित था। वर्ष 2005 में अकुशल वर्ग में 66, अर्धकुशल वर्ग में 88, कुशल वर्ग में 147 और मिनिस्ट्रियल/सुपरवाइजर में 94 रुपये न्यूनतम दैनिक वेतन निर्धारित था।
बोर्ड के पास 2.85 लाख श्रमिक रजिस्टर्ड
जून 2022 में न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत अधिसूचित करके दो माह के भीतर आपत्तियां, सुझाव और राय मांगी गई थी। इस मामले के लिए अगस्त 2022 में एडवाइजरी बोर्ड गठित किया गया, जिसमें बोर्ड की सिफारिशों पर नया पारिश्रमिक तय किया गया है।
- संशोधित पारिश्रमिक से जम्मू कश्मीर के विभिन्न विभागों में कार्य करीब एक लाख दिहाड़ीदारों कर्मचारियों के साथ अन्य लाखों श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान का लाभ मिलेगा। जेएंडके बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्क वेलफेयर बोर्ड के सीईओ मुनीर उल इस्लाम ने बताया कि बोर्ड के अधीन 2 लाख 85 हजार सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हैं।
हर पांच साल बाद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के मानकों के आधार पर पारिश्रमिक में संशोधन किया जाता है। इसमें पोषण सहित अन्य पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। -अब्दुल रशीद वार, आयुक्त ,श्रम विभाग ।