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Jammu Kashmir : घाटी में रोहिंग्याओं के मददगार दो एनजीओ रडार पर, अब खंगाली जाएगी कुंडली और बैंक अकाउंट

Fri, 22 Dec 2023 04:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 22 Dec 2023 04:27 AM IST
सार

इनकी कुंडली खंगाली जाएगी। मदद के पीछे के उद्देश्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। हाल में पुलिस कार्रवाई में दो एनजीओ के बारे में पता चला है जो जम्मू तथा अन्य स्थानों पर रहने वाले रोहिंग्याओं की मदद करते रहे हैं। इनमें से एक एनजीओ राष्ट्रीय स्तर का है।

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Jammu Kashmir: Two NGOs helping Rohingyas in the valley on radar
जम्मू के रोहिंग्या file pic - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्याओं को मदद करने में दो गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) निशाने पर हैं। इनकी कुंडली खंगाली जाएगी। मदद के पीछे के उद्देश्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। हाल में पुलिस कार्रवाई में दो एनजीओ के बारे में पता चला है जो जम्मू तथा अन्य स्थानों पर रहने वाले रोहिंग्याओं की मदद करते रहे हैं। इनमें से एक एनजीओ राष्ट्रीय स्तर का है।

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सूत्रों ने बताया कि जम्मू में छापे के दौरान यह पता चला कि दो एनजीओ की ओर से रोहिंग्याओं की मदद की जाती रही है। यह मदद शिक्षा तथा अन्य के नाम पर होती रही है। इन संस्थाओं की ओर से रोहिंग्याओं के हक में समय-समय पर आवाज भी उठाई जाती रही है। छानबीन के दौरान यह पता चला है कि रोहिंग्याओं के बच्चों को इन संस्थाओं की ओर से दाखिला भी दिलाया जाता है। 
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सूत्रों का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे इन रोहिंग्याओं की मदद के पीछे के उद्देश्यों को पता लगाया जाना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि कहीं बाहरी मदद के नाम पर कोई साजिश तो नहीं है। इन संस्थाओं से उनके बैंक खाते का डिटेल भी मांगा जाएगा। बैंक खातों से लेन देन की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे पता चल सकेगा कि कहीं बाहरी देशों से तो पैसों का लेन देन नहीं हो रहा है। यदि पैसों का लेन देन हो रहा है तो इसके पीछे मंशा क्या है।
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सूत्रों के अनुसार, यह भी पता लगाया जाएगा कि रोहिंग्या जहां कहीं भी रह रहे हैं वहां इन एनजीओ की क्या गतिविधियां रहीं हैं। क्या इनकी गतिविधियां केवल एक कैंप तक सीमित रहीं हैं या सब जगह थीं। एनजीओ के संपर्क में रहने वाले रोहिंग्याओं के प्रमुख लोगों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी हासिल की जाएगी।
होल्डिंग सेंटर की एंट्री से भी होगा मिलान

सूत्रों के अनुसार, हीरानगर जेल में बने होल्डिंग सेंटर में जहां 2021 से 250 रोहिंग्याओं को रखा गया है वहां की एंट्री से भी एनजीओ के सदस्यों का मिलान किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि हीरानगर जेल में भी तो एनजीओ के सदस्य मिलने नहीं जाते थे। मुलाकात अक्सर होती रही है या फिर कभी कभार। यह भी देखा जाएगा कि जी20 सम्मेलन के दौरान जब विदेशी प्रतिनिधि श्रीनगर आए थे तो उस दौरान इनकी कितनी मुलाकात हुई है। क्योंकि उस दौरान रोहिंग्याओं ने रिहाई की मांग को लेकर होल्डिंग सेंटर में हंगामा किया था।


कार्रवाई के दौरान पता चला है कि दो एनजीओ की ओर से रोहिंग्याओं की मदद की जाती रही है। इनके प्रतिनिधियों से पूछताछ की जाएगी। संगठन की भूमिका की भी जांच होगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मदद के पीछे मकसद क्या रहा है। 
-शक्ति पाठक, डीआईजी

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