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J&K: आपने कितनी बार ट्रैफिक रूल तोड़ा है, यह बस एक एप से जान जाएगीं ट्रैफिक पुलिस

Fri, 20 Jul 2018 01:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 20 Jul 2018 01:02 AM IST
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jammu kashmir traffic police launched an application to monitor traffic rules breakers
फाइल
आपने कितनी बार ट्रैफिक रूल तोड़ा है, यह जानने के लिए पुलिस को अब दस्तावेज नहीं उलटने पड़ेंगे। मोबाइल एप पर यह सारी जानकारी डाली जाएगी। सभी ट्रैफिक कर्मियों के मोबाइल में यह एप होगा। उसके पास हर वाहन चालक पूरी जानकारी होगी। यदि कोई चालक पकड़ा जाता है तो झट से पता चल जाएगा कि उसने कितनी बार ट्रैफिक रूल तोड़ा है।
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ट्रैफिक पुलिस ऐसा ही मोबाइल एप तैयार कर रहा है। इसमें प्रदेश के सभी वाहनों की जानकारी उपलब्ध होगी। यह मोबाइल एप ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को डाउनलोड करना होगा। इसमें किसी भी वाहन का नंबर फीड करने पर सारी जानकारी सामने आ जाएगी। पता चल जाएगा कि चालक ने कब ट्रैफिक रूल तोड़ा, किस तरह का तोड़ा, क्या कार्रवाई हुई। यदि किसी चालक के खिलाफ तीन से चार बार नियम तोड़ने की जानकारी मिलेगी तो उसका लाइसेंस रद्द होगा। ट्रैफिक पुलिस आरटीओ को लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश करेगी।
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एसएसपी ट्रैफिक जोगिंदर सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में मौत का कारण हेलमेट न पहनने और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना सबसे प्रमुख है। लोग चालान कटवाकर चलते बनते हैं, लेकिन अब बार-बार चालान नहीं होगा। सीधा लाइसेंस रद्द होगा। हमारे सभी चेकिंग करने वालों के पास वाहनों का रिकार्ड होगा जो ट्रैफिक रूल फॉलो कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
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राज्य में 15 लाख वाहन पंजीकृत
रियासत में इस समय पंजीकृत वाहनों की संख्या करीब 15 लाख है। करीब एक लाख व्यावसायिक वाहन हैं। 14 लाख निजी वाहन हैं। इन सभी वाहनों का रिकार्ड मोबाइल ऐप में अपलोड किया जा रहा है। पिछले तीन महीने से यह प्रक्रिया चल रही है। अगले तीन महीने में यही पूरी हो जाएगी।
 
100 में से 80 मौतें सड़क हादसों में
जम्मू-कश्मीर में 100 में से 80 लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है। मौत का कारण हेलमेट न पहनना और सीट बेल्ट न लगाना मुख्य रूप से शामिल है। 
 
 
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