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जम्मू-कश्मीर: घाटी के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे, जम्मू में छाया रहा घना कोहरा
Fri, 14 Jan 2022 10:11 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 14 Jan 2022 10:11 AM IST
सार
प्रदेश में कुछ दिन पहले भारी बर्फबारी और बारिश होने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार को जम्मू में कोहरा छाया रहा।
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जम्मू में छाया रहा कोहरा।
- फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार
जम्मू कश्मीर में कड़ाके की ठंड लगातार जारी है। घाटी के कई हिस्सों में तापमान माइनस के नीचे चल रहा है। शुक्रवार को जम्मू में घना कोहरा छाया रहा। इससे विजिविलिटी कम रही, जिस कारण राहगीरों के साथ ही वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हुई।सड़कों पर लाइट जला कर वाहन रेंगते नजर आए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में भी कोहरे का असर रहेगा।
शहर के कई हिस्सों में शुक्रवार को सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घरों के बाहर घना कोहरा छाया हुआ था। शहर के गांधीनगर, शास्त्रीनगर, संजय नगर, तवी पुल, विक्रम चौक, फ्लायं मंडाल, नानक नगर, प्रीत नगर, डिग्याना, सतवारी, एयरपोर्ट मार्ग आदि इलाकों में सुबह कई घंटों तक घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के साथ ही ओस भी गिर रही है।
इसके छंटने के बाद दिन में ठिठुरन का अधिक अहसास हुआ। धूप में भी सर्द हवाएं चलती रहीं। पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़ी है। जम्मू में मौसम के बदले मिजाज से दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। गुरुवार को भी मौसम का ऐसा ही हाल रहा।
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अरनिया में भी कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे की वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान आवागमन में खासी दिक्कतें आईं। इस दौरान लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए।
परगवाल निवासी विश्वामित्र ने कहा कि इस सीजन में क्षेत्र में दो दिन ही कोहरा पड़ा था। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। लग रहा था कि इस बार कोहरा से जल्द निजात मिल जाएगी। लेकिन लोहड़ी पर्व पर एक बार फिर कोहरे की चादर ने परेशानियां बढ़ा दीं।
उधर, अरनिया क्षेत्र में भी किसानों पर अब कोहरे की चादर की मार पड़ने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। किसानों के अनुसार बारिश की नमी अब भी खेतों में है। इससे गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर भी संकट बनने लगा है।
कृष्ण लाल, देव राज, हरबंस लाल, मोहन सिंह, गार सिंह व केवल कुमार ने कहा कि बारिश के बाद धूप खिलने से लगा था कि अब राहत मिलेगी। लेकिन अब कोहरा छाने से गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर असर पड़ सकता है।
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शहर के कई हिस्सों में शुक्रवार को सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घरों के बाहर घना कोहरा छाया हुआ था। शहर के गांधीनगर, शास्त्रीनगर, संजय नगर, तवी पुल, विक्रम चौक, फ्लायं मंडाल, नानक नगर, प्रीत नगर, डिग्याना, सतवारी, एयरपोर्ट मार्ग आदि इलाकों में सुबह कई घंटों तक घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के साथ ही ओस भी गिर रही है।
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इसके छंटने के बाद दिन में ठिठुरन का अधिक अहसास हुआ। धूप में भी सर्द हवाएं चलती रहीं। पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़ी है। जम्मू में मौसम के बदले मिजाज से दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। गुरुवार को भी मौसम का ऐसा ही हाल रहा।
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अरनिया में भी कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे की वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान आवागमन में खासी दिक्कतें आईं। इस दौरान लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए।
परगवाल निवासी विश्वामित्र ने कहा कि इस सीजन में क्षेत्र में दो दिन ही कोहरा पड़ा था। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। लग रहा था कि इस बार कोहरा से जल्द निजात मिल जाएगी। लेकिन लोहड़ी पर्व पर एक बार फिर कोहरे की चादर ने परेशानियां बढ़ा दीं।
उधर, अरनिया क्षेत्र में भी किसानों पर अब कोहरे की चादर की मार पड़ने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। किसानों के अनुसार बारिश की नमी अब भी खेतों में है। इससे गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर भी संकट बनने लगा है।
कृष्ण लाल, देव राज, हरबंस लाल, मोहन सिंह, गार सिंह व केवल कुमार ने कहा कि बारिश के बाद धूप खिलने से लगा था कि अब राहत मिलेगी। लेकिन अब कोहरा छाने से गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर असर पड़ सकता है।