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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश के 400 छोटे और पांच बड़े चिकित्सा केंद्रों में शुरू होगी टेली परामर्श, ई संजीवनी का भी होगा विस्तार

Fri, 28 Jan 2022 02:20 PM IST
विमल शर्मा अमित कुमार, जम्मू
अमित कुमार, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 28 Jan 2022 02:20 PM IST
सार

वर्तमान में जीएमसी जम्मू और श्रीनगर (हब्स) में गायनी, बाल और मेडिसिन स्पेशियलिटी में टेली कंसल्टेशन की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। प्रदेश के छोटे केंद्रों में 50 प्राइमरी चिकित्सा केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक चिकित्सा केंद्र (सीएचसी) में सामान्य ओपीडी में टेली कंसल्टेशन दी जा रही है।

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Jammu Kashmir: Tele consultation will start in 400 small and five big medical centers of the state
गांधी नगर अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोविड की तीसरी लहर की चुनौती के बीच जम्मू-कश्मीर में ई संजीवनी का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत घर से ही मरीजों को विशेषज्ञों द्वारा टेली कंसल्टेशन से चिकित्सा परामर्श मुहैया करवाया जाएगा। वर्तमान में जीएमसी जम्मू और श्रीनगर के अलावा कुछ पीएचसी व सीएचसी में टेली कंसल्टेशन मुहैया करवाई जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के दिशानिर्देशों के बाद प्रदेश में 400 नए छोटे (स्पोक्स) चिकित्सा केंद्रों के साथ पांच हब्स (बड़े और नए मेडिकल कॉलेज) केंद्रों में टेली कंसल्टेशन सुविधा शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। जिसे अगले तीन माह में शुरू किया जाएगा।

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कोविड की दूसरी लहर के दौरान भी यह टेली कंसल्टेशन मरीजों के लिए वरदान साबित हुई थी। वर्तमान में जीएमसी जम्मू और श्रीनगर (हब्स) में गायनी, बाल और मेडिसिन स्पेशियलिटी में टेली कंसल्टेशन की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के छोटे केंद्रों में 50 प्राइमरी चिकित्सा केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक चिकित्सा केंद्र (सीएचसी) में सामान्य ओपीडी में टेली कंसल्टेशन दी जा रही है।
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अप्रैल 2021 से अक्तूबर तक जम्मू-कश्मीर में 43417 लोगों को टेली कंसल्टेशन की सुविधा मुहैया करवाई गई। इसमें अधिकांश मरीज कोविड संक्रमित या पोस्ट कोविड समस्याओं से पीड़ित थे। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अलावा अन्य आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ई संजीवनी का विस्तार करने को कहा था।
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इस प्रणाली के तहत देश में अब तक करीब 2.6 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया है। इसमें घर बैठे चिकित्सा सलाह दी जाती है। यह दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है। आगामी प्रदेश में चौबीस घंटे ई संजीवनी को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

केंद्र ने घर पर आइसोलेट मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत भी ई संजीवनी का विस्तार किया जा रहा है। इसमें कोशिश की जाएगी कि होम आइसोलेट में अधिक से अधिक लोगों को इस प्रणाली से जोड़कर उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ टेली कंसल्टेशन मुहैया करवाई जाए।


जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि ई-संजीवनी के तहत मरीजों को बेहतर टेली परामर्श चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं। 

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