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जम्मू कश्मीर: कॉलेजों में पढ़ाई का अब फीडबैक दे सकेंगे विद्यार्थी, अगले तीन साल में सभी 142 कॉलेजों का होगा नैक मूल्यांकन
Fri, 11 Feb 2022 01:19 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 11 Feb 2022 01:19 PM IST
सार
प्रमुख सचिव ने सभी कॉलेजों को इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) व लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) जैसी तकनीकी को अपनाने की हिदायत दी। कहा कि नई शिक्षा नीति नए शैक्षिक सत्र 2022-23 से सभी कॉलेजों में लागू होगा।
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जम्मू में बैठक करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के सभी कॉलेजों में विद्यार्थी फीडबैक प्रक्रिया तथा शैक्षिक ऑडिट की शुरूआत की जाएगी। इससे कॉलेज में पढ़ाई कैसी हो रही है, इसका मूल्यांकन हो सकेगा। इसके साथ ही सभी कॉलेजों को नैक की मान्यता लेनी होगी। अगले तीन साल में सभी 142 कॉलेजों का नैक मूल्यांकन कराया जाएगा। यह जानकारी उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने दी।
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प्रमुख सचिव ने सभी कॉलेजों को इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) व लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) जैसी तकनीकी को अपनाने की हिदायत दी। कहा कि नई शिक्षा नीति नए शैक्षिक सत्र 2022-23 से सभी कॉलेजों में लागू होगा। इसमें बैचलर वोकेशनल स्किल्स की भी शुरूआत होगी।
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प्रमुख शिक्षण संस्थानों, आईआईटी व आईआईएम के विशेषज्ञों की सहायता शोध व अन्य क्षेत्रों में ली जा सकेगी। नई शिक्षा नीति में स्टार्टअप प्रतियोगिता व शोध पर विशेष ध्यान केंद्रित होगा। कहा कि किसी भी संस्थान के पास बेहतर आधारभूत संरचना होना जरूरी है, लेकिन इससे भी जरूरी है कि वहां पर गुणवत्ता युक्त पढ़ाई हो।
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शोध हो और उपलब्ध संसाधनों का लाभ सामान्य लोगों को मिल सके। जम्मू संभाग के कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर उन्होंने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इससे पहले उन्होंने विभिन्न डिग्री कॉलेज के बजट के उपयोग की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने पाया कि कई परियोजनाएं पूरी होने के बाद भी बिजली तथा पानी की उपलब्धता से न होने से उपयोग में नहीं आ पा रही हैं। हिदायत दी कि भविष्य में डीपीआर बनाते ही सभी सुविधाओं को शामिल किया जाना चाहिए।
कॉलेजों को और मिलेगी स्वायत्तता, स्थानीय फंड की शर्तें भी होंगी लचीला
उन्होंने कहा कि कॉलेजों को और स्वायत्तता मिलेगी। संस्थानों को और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि गुणवत्तापरक शिक्षा हासिल हो सके तथा शिक्षा का बेहतर परिणाम मिल सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्थानीय फंड के इस्तेमाल की शर्तों को और लचीला बनाया जाएगा।