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जम्मू कश्मीर: डोगरी-कश्मीरी में गणित और पर्यावरण विज्ञान पढ़ेंगे बच्चे, अगले सत्र से कक्षा मिलेंगी पुस्तकें

Wed, 19 Oct 2022 04:44 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 19 Oct 2022 04:44 PM IST
सार

कक्षा एक से पांचवीं तक का गणित और कक्षा तीन से पांचवीं तक की पर्यावरण विज्ञान की पुस्तक का अनुवाद किया गया है। जम्मू संभाग के जिलों में डोगरी, हिंदी और कश्मीरी, जबकि कश्मीर संभाग में कश्मीरी भाषा में छपी किताबों का वितरण किया जाएगा।

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jammu kashmir students to study maths and environmental science in Dogri and Kashmiri
Maths (File)

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में अलगे सत्र से कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चे अपनी मातृभाषा में गणित और पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगे। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इन विषयों की पुस्तकों का मातृभाषा उर्दू, डोगरी, कश्मीरी सहित हिंदी में अनुवाद कर प्रकाशन कर लिया है। अगले सत्र से पुस्तकों को स्कूलों में वितरित करने की योजना है। वर्तमान में यह पुस्तकें सिर्फ अंग्रेजी भाषा में ही उपलब्ध हैं।

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नई शिक्षा नीति के तहत यह पहल की गई है। इसमें कक्षा एक से पांचवीं तक का गणित और कक्षा तीन से पांचवीं तक की पर्यावरण विज्ञान की पुस्तक का अनुवाद किया गया है। जेके बोर्ड के अकादमिक विंग के विशेषज्ञों ने इन पुस्तकों का अनुवाद किया है। अब इन पुस्तकों का वितरण क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा के हिसाब से किया जाएगा। जम्मू संभाग के जिलों में डोगरी, हिंदी और कश्मीरी, जबकि कश्मीर संभाग में कश्मीरी भाषा में छपी किताबों का वितरण किया जाएगा
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बच्चों को यह होगा लाभ 
हिंदी या अंग्रेजी भाषा की तुलना में छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा में विषय को अच्छे से समझते हैं। नई शिक्षा नीति भी कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा में करवाने पर बल देती है। बच्चे जिस भाषा को घर में अपने अभिभावकों, भाई-बहनों, मित्रों के साथ बोलते हैं, उसमें ही उन्हें पढ़ने में अधिक सुविधा रहती है। इस पहल से मातृभाषा को भी बढ़ावा मिलेगा। 
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युवाओं को मिलेगा रोजगार  
स्कूलों में कक्षा पांच तक स्थानीय भाषा में पढ़ाई होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। शिक्षकों के पद सृजित होंगे। डोगरी और कश्मीरी भाषा में पढ़ाई कर चुके युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा। वर्तमान में स्कूलों में डोगरी और कश्मीरी भाषा के शिक्षक हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है। ऐसे में इस पहल के शुरू होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।  


नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक से पांच तक गणित और कक्षा तीन से पांच तक पर्यावरण विज्ञान की पुस्तक का चार भाषाओं में अनुवाद किया गया है। बोर्ड के विशेषज्ञों ने इनका अनुवाद किया है। सरकार के आदेश के बाद ही पुस्तकों का वितरण स्कूलों में किया जाएगा। -डॉ. यासीर हमीद सरवाल, संयुक्त निदेशक जेके बोर्ड।

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