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J&K: सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, एक दिन में जैश के कमांडर सहित मारे 8 आतंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 13 Sep 2018 08:56 PM IST
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मशीन गन के साथ आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेता सेना का जवान
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को गुरुवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने जम्मू, सोपोर और कुपवाड़ा में ऑपरेशन चलाकर 8 आतंकियों को ढेर किया है। इसमें जम्मू के झज्जर कोटली में लश्कर के तीन आतंकी और सोपोर में हुई मुठभेड़ में जैश ए मोहम्मद के दो आतंकी मारे गए हैं। सोपोर में मारे गए आतंकियों में एक जैश कमांडर भी शामिल था। वहीं तीन पाकिस्तानी आतंकी कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ करते वक्त एलओसी पर ढेर किये गए हैं। यह आतंकी किस संगठन से थे इस बात का पता अभी नहीं चल सका है।
33 घंटे बाद झज्जर कोटली में तीनों आतंकी ढेर, 12 सुरक्षाकर्मी घायल
जम्मू-कश्मीर हाईवे पर झज्जर कोटली में घुसे तीनों आतंकी 33 घंटों के बाद सुरक्षाबलों के संपर्क में आए और मार गिराए गए। आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन अफसरों सहित 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। मारे गए तीनों पाकिस्तानी आतंकी थे। सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा संगठन के थे। आपरेशन का अंत सेना के पैरा कमांडों की टीम ने तीसरे आतंकी को ढेर कर किया। बुधवार को सुबह आठ बजे तीनों आतंकी चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर जंगल में भाग गए थे। इसके बाद से पूरे इलाके को घेरकर सर्च आपरेशन चलाया गया था।
तीनों आतंकी बुधवार की पूरी रात झज्जर कोटली और तीर्थ इलाके में रुके रहे। सुबह करीब 8 बजे आतंकी हथियारों के साथ तीर्थ गांव के राज कुमार के घर में घुसे। तीनों ने राजकुमार से कहा कि उन्हें कुछ खाने के लिए चाहिए। खाना बनाकर दो। राजकुमार को 2 हजार रुपये भी दिए और कहा कि किसी को कुछ बताए नहीं। राजकुमार ने बड़ी ही चालाकी से अपनी पत्नी और तीन बच्चों को घर से निकाला और पुराने कटड़ा रोड की तरफ आ गया। सामने राजकुमार को उसका दोस्त रमेश दिखा। उसने बताया कि उसके घर में आतंकी घुस गए हैं। रमेश ने सीआरपीएफ को जानकारी दी। इसके बाद सीआरपीएफ कर्मी मौके पर पहुंचे। सीआरपीएफ की तरफ से पुलिस और सेना को भी सूचित किया गया। तीनों ने मिलकर आतंकियों को राजकुमार के घर में घेर लिया। सुबह 10 बजे के करीब आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
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करीब 12 बजे एक आतंकी को सुरक्षाबलों ने घर के अंदर ही ढेर कर दिया। इतने में सेना की 9 पैरा कमांडोज भी मौके पर पहुंच गए। एक आतंकी वहां से भाग कर आगे निकल गया। इसे भी सुरक्षाबलों ने कुछ ही दूरी पर डेढ़ बजे के करीब ढेर कर दिया। एक आतंकी मुठभेड़ स्थल से गायब हो गया। इसकी तलाश में करीब 3 घंटे तक सर्च आपरेशन चला। शाम 4 बजे अचानक तीसरे आतंकी से सुरक्षाबलों का संपर्क हो गया। संपर्क होने के आधे घंटे के भीतर इसे भी ढेर कर दिया गया। इस पूरे आपरेशन में सीआरपीएफ, रियासी व जम्मू पुलिस और सेना ने मिलकर काम किया। सात घंटे तक चली मुठभेड़ में नगरोटा के एसडीपीओ मोहन शर्मा, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार, सेना के मेजर दीपक उपाध्याय सहित 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। शाम 5 बजे सुरक्षाबलों की ओर से आपरेशन खत्म कर दिया गया। लेकिन देर शाम तक इलाके में सर्च आपरेशन चल रहा था।
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33 घंटे बाद झज्जर कोटली में तीनों आतंकी ढेर, 12 सुरक्षाकर्मी घायल
जम्मू-कश्मीर हाईवे पर झज्जर कोटली में घुसे तीनों आतंकी 33 घंटों के बाद सुरक्षाबलों के संपर्क में आए और मार गिराए गए। आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन अफसरों सहित 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। मारे गए तीनों पाकिस्तानी आतंकी थे। सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा संगठन के थे। आपरेशन का अंत सेना के पैरा कमांडों की टीम ने तीसरे आतंकी को ढेर कर किया। बुधवार को सुबह आठ बजे तीनों आतंकी चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर जंगल में भाग गए थे। इसके बाद से पूरे इलाके को घेरकर सर्च आपरेशन चलाया गया था।
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तीनों आतंकी बुधवार की पूरी रात झज्जर कोटली और तीर्थ इलाके में रुके रहे। सुबह करीब 8 बजे आतंकी हथियारों के साथ तीर्थ गांव के राज कुमार के घर में घुसे। तीनों ने राजकुमार से कहा कि उन्हें कुछ खाने के लिए चाहिए। खाना बनाकर दो। राजकुमार को 2 हजार रुपये भी दिए और कहा कि किसी को कुछ बताए नहीं। राजकुमार ने बड़ी ही चालाकी से अपनी पत्नी और तीन बच्चों को घर से निकाला और पुराने कटड़ा रोड की तरफ आ गया। सामने राजकुमार को उसका दोस्त रमेश दिखा। उसने बताया कि उसके घर में आतंकी घुस गए हैं। रमेश ने सीआरपीएफ को जानकारी दी। इसके बाद सीआरपीएफ कर्मी मौके पर पहुंचे। सीआरपीएफ की तरफ से पुलिस और सेना को भी सूचित किया गया। तीनों ने मिलकर आतंकियों को राजकुमार के घर में घेर लिया। सुबह 10 बजे के करीब आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
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करीब 12 बजे एक आतंकी को सुरक्षाबलों ने घर के अंदर ही ढेर कर दिया। इतने में सेना की 9 पैरा कमांडोज भी मौके पर पहुंच गए। एक आतंकी वहां से भाग कर आगे निकल गया। इसे भी सुरक्षाबलों ने कुछ ही दूरी पर डेढ़ बजे के करीब ढेर कर दिया। एक आतंकी मुठभेड़ स्थल से गायब हो गया। इसकी तलाश में करीब 3 घंटे तक सर्च आपरेशन चला। शाम 4 बजे अचानक तीसरे आतंकी से सुरक्षाबलों का संपर्क हो गया। संपर्क होने के आधे घंटे के भीतर इसे भी ढेर कर दिया गया। इस पूरे आपरेशन में सीआरपीएफ, रियासी व जम्मू पुलिस और सेना ने मिलकर काम किया। सात घंटे तक चली मुठभेड़ में नगरोटा के एसडीपीओ मोहन शर्मा, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार, सेना के मेजर दीपक उपाध्याय सहित 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। शाम 5 बजे सुरक्षाबलों की ओर से आपरेशन खत्म कर दिया गया। लेकिन देर शाम तक इलाके में सर्च आपरेशन चल रहा था।
केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, तीन आतंकी ढेर
एलओसी
- फोटो : फाइल
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश को वीरवार को सेना ने नाकाम करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। फिलहाल आतंकी किस संगठन से जुड़े थे, यह पता नहीं चल सका है। इनके शव एलओसी के बिल्कुल करीब पड़े हुए हैं जिन्हें बरामद नहीं किया जा सका है।
गुरुवार की सुबह 10.40 बजे एलओसी पर सुरक्षा में तैनात तीन जेके राइफल्स के जवानों ने दतगली इलाके में बलबीर पोस्ट के पास संदिग्ध हलचल देखी। उन्होंने पाया कि आतंकियों का एक ग्रुप घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। इस पर उन्हें समर्पण के लिए ललकारा गया तो उन्होंने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मार गिराए गए। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि आपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के शव फिलहाल बरामद नहीं किए जा सके हैं। इलाके में सर्च आपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई आतंकी यदि घुसपैठ करने में सफल रहा तो उसे ढूंढ निकाला जाए।
गुरुवार की सुबह 10.40 बजे एलओसी पर सुरक्षा में तैनात तीन जेके राइफल्स के जवानों ने दतगली इलाके में बलबीर पोस्ट के पास संदिग्ध हलचल देखी। उन्होंने पाया कि आतंकियों का एक ग्रुप घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। इस पर उन्हें समर्पण के लिए ललकारा गया तो उन्होंने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मार गिराए गए। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि आपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के शव फिलहाल बरामद नहीं किए जा सके हैं। इलाके में सर्च आपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई आतंकी यदि घुसपैठ करने में सफल रहा तो उसे ढूंढ निकाला जाए।
सोपोर में जैश कमांडर समेत दो पाकिस्तानी आतंकी ढेर
सोपोर में आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते सुरक्षाकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सुरक्षाबलों ने वीरवार को मुठभेड़ में जैश के दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। इनसे हथियार भी बरामद किए गए हैं। सोपोर के आरमपोरा इलाके के तेलियां मोहल्ला में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने बुधवार देर रात को तलाशी अभियान चलाया। सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और एसओजी की ओर से इलाके में घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई, लेकिन कुछ देर बाद फायरिंग रोक दी गई।
पुलिस ने बताया कि इलाके में फंसे स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए फायरिंग रोकी गई थी। इसके बाद दोबारा फिर से मुठभेड़ शुरू हुई और दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। बरामद दस्तावेजों से मारे गए दोनों आतंकियों की शिनाख्त अली उर्फ अथर और जिया-उर-रहमान के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकियों में अली जैश का कमांडर था और 2014 से सक्रिय था। वह सोपोर आईईडी विस्फोट में मास्टरमाइंड भी था जिसमें चार पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। दोनों अन्य कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल थे।
इलाके में मुठभेड़ शुरू होने पर हिंसा की आशंका में सोपोर में इंटरनेट सुविधाएं ठप कर दी गई। सभी स्कूल और डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए। इसके अलावा श्रीनगर-बारामुला रेललाइन पर रेल सेवा स्थगित कर दी गई, जबकि श्रीनगर-बनिहाल पर सामान्य रूप से सेवाएं जारी रहीं।
पुलिस ने बताया कि इलाके में फंसे स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए फायरिंग रोकी गई थी। इसके बाद दोबारा फिर से मुठभेड़ शुरू हुई और दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। बरामद दस्तावेजों से मारे गए दोनों आतंकियों की शिनाख्त अली उर्फ अथर और जिया-उर-रहमान के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकियों में अली जैश का कमांडर था और 2014 से सक्रिय था। वह सोपोर आईईडी विस्फोट में मास्टरमाइंड भी था जिसमें चार पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। दोनों अन्य कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल थे।
इलाके में मुठभेड़ शुरू होने पर हिंसा की आशंका में सोपोर में इंटरनेट सुविधाएं ठप कर दी गई। सभी स्कूल और डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए। इसके अलावा श्रीनगर-बारामुला रेललाइन पर रेल सेवा स्थगित कर दी गई, जबकि श्रीनगर-बनिहाल पर सामान्य रूप से सेवाएं जारी रहीं।