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Jammu News: जीएमसी हंदवाड़ा के स्थानांतरण के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाेग
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जीएमसी हंदवाड़ा के स्थानांतरण के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : shrinagar news
श्रीनगर। हंदवाड़ा की सिविल सोसाइटी फोरम ने सोमवार को श्रीनगर की प्रेस कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हंदवाड़ा के स्थानांतरण के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा अधिकारों की रक्षा के लिए इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
सोमवार को हंदवाड़ा के लोग सिविल सोसाइटी फोरम के नेतृत्व में श्रीनगर की प्रेस कॉलोनी में जमा हुए। लोगों का कहना है कि हंदवाड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने का फैसला गलत है। इससे हंदवाड़ा के लोग स्वास्थ्य सेवाओं से महरूम रह जाएंगे। मेडिकल एजूकेशन के लिए भी विद्यार्थियों को लंबा सफर करना पड़ेगा।
लोगों ने कहा कि जीएमसी हंदवाड़ा के चोगुल में बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन साल पहले इसकी वर्चुअल आधारशिला रखी थी। तीन साल में 65 करोड़ रुपये इसमें खर्च हो चुके हैं। 26 इमारतें बन चुकी हैं। डेढ़ साल पहले वहां सैलाब आने के बाद सरकार ने वहां से जीएमसी को हटाने का निर्णय लिया।
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उन्होंने कहा कि जम्मू में देख सकते हैं कि वहां के एम्स में डेढ़ मंजिल तक पानी भर गया। कश्मीर में वर्ष 2014 में आई बाढ़ का पानी सचिवालय में भर गया था। शोरा सहित कई अस्पतालों में एक मंजिल तक पानी भरा था। सैलाब के दौरान कहां पानी नहीं आता जो आप हंदवाड़ा के जीएमसी को स्थानांतरित कर देंगे। यहां गहरी चाल के तहत सरकार का पैसा बर्बाद किया जा रहा है।
जब हंदवाड़ा के जीएमसी की आधारशिला रखी गई, उससे पहले 14 एजेंसियों ने इसकी जांच की थी। वाटर लेवल से लेकर अन्य जांच में 27 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। उस समय सुरक्षित बताए जाने के बाद अब क्यों असुरक्षित बताया जा रहा है। क्या जांच करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई होगी, क्या उनसे पैसा वापस लिया जाएगा। क्या पहले एनओसी देने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या 65 करोड़ रुपये जो खर्च हुए उसे इनकी तनख्वाह से वसूला जाएगा।
लोगों ने कहा, हम मंत्री सकीना इत्तू से कहना चाहते हैं कि हम हंदवाड़ा के लोग ढाई साल से इसका सपना देख रहे हैं। हमने अरबों रुपये कीमत की अपनी जमीन इसके लिए छोड़ी है। हमने वहां से अपने अखरोट और सेब के पेड़ काटे। वहां जानमाल का नुकसान भी हुआ लेकिन सरकार के आदेश और अपने जीएमसी के लिए सबकुछ सहन किया।
हम अब हंदवाड़ा के जीएमसी को स्थानांतरित नहीं होने देंगे। क्या सरकार ने गृहमंत्री को बताया है कि जिसकी उन्होंने आधारशिला रखी उसे हटाया जा रहा है। हंदवाड़ा ने जीएमसी के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं, इसे स्थानांतरित न किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर स्थानांतरण का फैसला वापस न लिया गया तो हंदवाड़ा के साथ लंगेट में भी बंद की कॉल कर प्रदर्शन करेंगे।
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सोमवार को हंदवाड़ा के लोग सिविल सोसाइटी फोरम के नेतृत्व में श्रीनगर की प्रेस कॉलोनी में जमा हुए। लोगों का कहना है कि हंदवाड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने का फैसला गलत है। इससे हंदवाड़ा के लोग स्वास्थ्य सेवाओं से महरूम रह जाएंगे। मेडिकल एजूकेशन के लिए भी विद्यार्थियों को लंबा सफर करना पड़ेगा।
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लोगों ने कहा कि जीएमसी हंदवाड़ा के चोगुल में बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन साल पहले इसकी वर्चुअल आधारशिला रखी थी। तीन साल में 65 करोड़ रुपये इसमें खर्च हो चुके हैं। 26 इमारतें बन चुकी हैं। डेढ़ साल पहले वहां सैलाब आने के बाद सरकार ने वहां से जीएमसी को हटाने का निर्णय लिया।
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उन्होंने कहा कि जम्मू में देख सकते हैं कि वहां के एम्स में डेढ़ मंजिल तक पानी भर गया। कश्मीर में वर्ष 2014 में आई बाढ़ का पानी सचिवालय में भर गया था। शोरा सहित कई अस्पतालों में एक मंजिल तक पानी भरा था। सैलाब के दौरान कहां पानी नहीं आता जो आप हंदवाड़ा के जीएमसी को स्थानांतरित कर देंगे। यहां गहरी चाल के तहत सरकार का पैसा बर्बाद किया जा रहा है।
जब हंदवाड़ा के जीएमसी की आधारशिला रखी गई, उससे पहले 14 एजेंसियों ने इसकी जांच की थी। वाटर लेवल से लेकर अन्य जांच में 27 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। उस समय सुरक्षित बताए जाने के बाद अब क्यों असुरक्षित बताया जा रहा है। क्या जांच करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई होगी, क्या उनसे पैसा वापस लिया जाएगा। क्या पहले एनओसी देने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या 65 करोड़ रुपये जो खर्च हुए उसे इनकी तनख्वाह से वसूला जाएगा।
लोगों ने कहा, हम मंत्री सकीना इत्तू से कहना चाहते हैं कि हम हंदवाड़ा के लोग ढाई साल से इसका सपना देख रहे हैं। हमने अरबों रुपये कीमत की अपनी जमीन इसके लिए छोड़ी है। हमने वहां से अपने अखरोट और सेब के पेड़ काटे। वहां जानमाल का नुकसान भी हुआ लेकिन सरकार के आदेश और अपने जीएमसी के लिए सबकुछ सहन किया।
हम अब हंदवाड़ा के जीएमसी को स्थानांतरित नहीं होने देंगे। क्या सरकार ने गृहमंत्री को बताया है कि जिसकी उन्होंने आधारशिला रखी उसे हटाया जा रहा है। हंदवाड़ा ने जीएमसी के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं, इसे स्थानांतरित न किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर स्थानांतरण का फैसला वापस न लिया गया तो हंदवाड़ा के साथ लंगेट में भी बंद की कॉल कर प्रदर्शन करेंगे।