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बांदीपोरा के ट्वीड, रेशम और लेडीज सूट की देश-विदेश में भारी मांग: विक्रमजीत
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बांदीपोरा। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सचिव विक्रमजीत ने शुक्रवार को डीसी इंदु कंवल चिब के साथ बांदीपोरा का दौरा किया। झेलम तवी बाढ़ पुनर्प्राप्ति परियोजना (जेटीएफआरपी) के तहत पंजीकृत बांदीपोरा बुनकर सेवा निर्माता कंपनी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा, बांदीपोरा के ट्वीड, रेशम और हाथ से बुने हुए महिलाओं के सूट का देश-विदेश में बड़ा बाज़ार है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन उत्पादों को उनकी उचित पहचान मिले।
इस पहल को मज़बूत करने के लिए विक्रमजीत ने बांदीपोरा की उपायुक्त इंदु कंवल चिब के साथ भूमि आवंटन पर चर्चा की। इस पर उन्होंने फोर कैनाल क्षेत्र के आसपास उपयुक्त भूमि की पहचान का आश्वासन दिया। ज़मीन का चयन हो जाने के बाद अधिकारी बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प और हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत कपड़ा मंत्रालय से सहायता मांगेंगे।
विक्रमजीत ने बुनकर सेवा उत्पादक कंपनी को यह भी आश्वासन दिया कि कश्मीर हाट में 67 स्टॉलों में से उसे एक स्थायी स्टॉल उन्हें आवंटित किया जाएगा, ताकि कारीगर अपने तैयार उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को प्रदर्शित और बेच सकेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ‘बांदीपोरा ट्वीड’की ब्रांडिंग को बढ़ावा देना है।
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इस पहल को मज़बूत करने के लिए विक्रमजीत ने बांदीपोरा की उपायुक्त इंदु कंवल चिब के साथ भूमि आवंटन पर चर्चा की। इस पर उन्होंने फोर कैनाल क्षेत्र के आसपास उपयुक्त भूमि की पहचान का आश्वासन दिया। ज़मीन का चयन हो जाने के बाद अधिकारी बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प और हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत कपड़ा मंत्रालय से सहायता मांगेंगे।
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विक्रमजीत ने बुनकर सेवा उत्पादक कंपनी को यह भी आश्वासन दिया कि कश्मीर हाट में 67 स्टॉलों में से उसे एक स्थायी स्टॉल उन्हें आवंटित किया जाएगा, ताकि कारीगर अपने तैयार उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को प्रदर्शित और बेच सकेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ‘बांदीपोरा ट्वीड’की ब्रांडिंग को बढ़ावा देना है।
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