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Jammu News: सिंचाई के लिए पानी नहीं तो कहीं हो रहा बर्बाद
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नहरों में रिसाव और कहीं-कहीं टूटफूट के कारण बह रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। प्रदेश में बासमती चावल का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला पाकिस्तान सीमा से सटा आरएस पुरा इलाके के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। कई किसानों के खेतों तक पानी पहुंच नहीं पाता है। वे धान की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, नहरों में रिसाव और टूटफूट के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इससे किसानों में नहर विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गांव कुल्लिया के किसान रतन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बारिश न होने पर किसान धान की फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं पर हालत यह है कि सिंचाई विभाग की गलत नीतियों के चलते कहीं पर पुलिया छाेटी होने से पानी ओवरफ्लो होता है। कहीं नहर टूटने और जगह-जगह रिसाव की वजह से पानी बर्बाद हो रहा है।
स्थानीय किसान अजीत राज, दौलत राम का कहना है कि कई स्थानों पर नहरों में रिसाव और टूट-फूट के कारण पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों और खाली जगहों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। समय पर मरम्मत न होने से हर दिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ जा रहा है, जबकि अनेक गांवों के किसान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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गांव कोटली अर्जुन सिंह के पास माइनर नहर में पानी अधिक आने पर सड़कों पर पानी बहने लगता है। इससे आवाजाही के लिए भी ग्रामीण परेशान रहते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते नहरों की मरम्मत कर रिसाव बंद किया जाए तो पानी की बर्बादी रोकी जा सकती है और किसानों को पर्याप्त सिंचाई का लाभ मिल सकता है। किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि रिसाव वाले स्थानों की तत्काल मरम्मत कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। किसानों तो समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। प्रदेश में बासमती चावल का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला पाकिस्तान सीमा से सटा आरएस पुरा इलाके के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। कई किसानों के खेतों तक पानी पहुंच नहीं पाता है। वे धान की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, नहरों में रिसाव और टूटफूट के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इससे किसानों में नहर विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गांव कुल्लिया के किसान रतन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बारिश न होने पर किसान धान की फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं पर हालत यह है कि सिंचाई विभाग की गलत नीतियों के चलते कहीं पर पुलिया छाेटी होने से पानी ओवरफ्लो होता है। कहीं नहर टूटने और जगह-जगह रिसाव की वजह से पानी बर्बाद हो रहा है।
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स्थानीय किसान अजीत राज, दौलत राम का कहना है कि कई स्थानों पर नहरों में रिसाव और टूट-फूट के कारण पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों और खाली जगहों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। समय पर मरम्मत न होने से हर दिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ जा रहा है, जबकि अनेक गांवों के किसान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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गांव कोटली अर्जुन सिंह के पास माइनर नहर में पानी अधिक आने पर सड़कों पर पानी बहने लगता है। इससे आवाजाही के लिए भी ग्रामीण परेशान रहते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते नहरों की मरम्मत कर रिसाव बंद किया जाए तो पानी की बर्बादी रोकी जा सकती है और किसानों को पर्याप्त सिंचाई का लाभ मिल सकता है। किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि रिसाव वाले स्थानों की तत्काल मरम्मत कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। किसानों तो समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए।