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Jammu News: सांबा कस्बे में हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी, सफाई व्यवस्था चरमराई
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सांबा में प्रदर्शन करते सफाई कर्मी।
- फोटो : samba news
सांबा। कस्बे की नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं। पहले से ही कस्बे की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। नए वार्डों में सफाई नहीं होने से लोग परेशान हैं। अब कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से आम लोगों को गंदगी से जूझना पड़ेगा। सफाई कर्मचारियों ने टाउन हाल में इकट्ठे होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वह मांग कर रहे थे कि उनके अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
संगठन प्रधान रवि रंधावा ने कहा कि गत कई वर्षों से वह लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांग को हर बार अनसुना कर दिया गया। उन्हें आश्वासन देकर चुप करवा दिया गया। उन्होंने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी थी, बीच में नवरात्र आ गए तो उन्होंने अपनी हड़ताल को स्थागित कर दिया कि पवित्र नवरात्र के दौरान कस्बे में गंदगी से परेशानी न हो।
जिला उपायुक्त, एलजी, मुख्यमंत्री को भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। हर बार उन्हें भरोसा ही मिला।
कस्बे में नगर परिषद के पहले 13 वार्ड थे, सफाई कर्मचारी 26 थे, परिसीमन के बाद कस्बे में 17 वार्ड बनाए गए, लेकिन कर्मचारियों की संख्या घटकर 23 हो गई, जबकि 17 वार्डों के लिए 110 कर्मचारी चाहिए। 23 कर्मचारियों में से 13 ही स्थाई हैं। अन्य अस्थायी हैं, इन्हें नियमित करने के लिए हड़ताल की जा रही है।
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पहले भी रहे हड़ताल पर, समाधान नहीं हुआ
सफाई कर्मचारियों ने अक्तूबर 2024 में 22 दिनों तक हड़ताल की थी। भाजपा के सभी विधायक भी मांगों को लेकर एलजी से मिले थे। फरवरी 2025 में भी 22 दिनों तक सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे थे। एक माह पूर्व जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी से भी मिले थे। उन्होंने भी आश्वासन दिया था, लेकिन कोई समाधान नही हुआ।
कोट
कस्बे के नए वार्डों 14, 15, 16, 17 में पहले से ही सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते थे। ऐसे में लोग चौक चौराहों पर ही कचरे के ढेर लगा रहे हैं। जिससे आगामी बरसात में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कस्बे में भी गंदगी बनी रहेगी।
-राज सिंह सब्याल, पूर्व पार्षद सांबा।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का जो नोटिस दिया था सरकार ने उसे खारिज कर दिया है। हमने कहा है कि वह काम पर लौट आएं। आज सुबह सफाई करने के बाद वह हड़ताल पर चले गए हैं।
-जोध राज, सीईओ नगर परिषद सांबा
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संगठन प्रधान रवि रंधावा ने कहा कि गत कई वर्षों से वह लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांग को हर बार अनसुना कर दिया गया। उन्हें आश्वासन देकर चुप करवा दिया गया। उन्होंने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी थी, बीच में नवरात्र आ गए तो उन्होंने अपनी हड़ताल को स्थागित कर दिया कि पवित्र नवरात्र के दौरान कस्बे में गंदगी से परेशानी न हो।
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जिला उपायुक्त, एलजी, मुख्यमंत्री को भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। हर बार उन्हें भरोसा ही मिला।
कस्बे में नगर परिषद के पहले 13 वार्ड थे, सफाई कर्मचारी 26 थे, परिसीमन के बाद कस्बे में 17 वार्ड बनाए गए, लेकिन कर्मचारियों की संख्या घटकर 23 हो गई, जबकि 17 वार्डों के लिए 110 कर्मचारी चाहिए। 23 कर्मचारियों में से 13 ही स्थाई हैं। अन्य अस्थायी हैं, इन्हें नियमित करने के लिए हड़ताल की जा रही है।
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पहले भी रहे हड़ताल पर, समाधान नहीं हुआ
सफाई कर्मचारियों ने अक्तूबर 2024 में 22 दिनों तक हड़ताल की थी। भाजपा के सभी विधायक भी मांगों को लेकर एलजी से मिले थे। फरवरी 2025 में भी 22 दिनों तक सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे थे। एक माह पूर्व जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी से भी मिले थे। उन्होंने भी आश्वासन दिया था, लेकिन कोई समाधान नही हुआ।
कोट
कस्बे के नए वार्डों 14, 15, 16, 17 में पहले से ही सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते थे। ऐसे में लोग चौक चौराहों पर ही कचरे के ढेर लगा रहे हैं। जिससे आगामी बरसात में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कस्बे में भी गंदगी बनी रहेगी।
-राज सिंह सब्याल, पूर्व पार्षद सांबा।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का जो नोटिस दिया था सरकार ने उसे खारिज कर दिया है। हमने कहा है कि वह काम पर लौट आएं। आज सुबह सफाई करने के बाद वह हड़ताल पर चले गए हैं।
-जोध राज, सीईओ नगर परिषद सांबा