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Jammu News: नहरें पक्की हो रहीं, लेकिन पुलिया न होने से किसान हो रहे परेशान
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नहर जिस पर पुलिया नहीं है।
- फोटो : arnia news
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अरनिया। सिंचाई विभाग की तरफ से कच्ची नहरों को पक्का करने का सिलसिला जारी है। इसके चलते नहर से पानी की लीकेज खत्म हो गई है। अब नहर में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर किसानों ने नहर पर पुलिया न बनाने की मांग की है। कहा कि पुलिया न होने से उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। नहर पक्की होने से खेतों में ट्रैक्टर और जानवरों को ले जाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि खेत से नहर की ऊंचाई अधिक है। इसके चलते किसानों के लिए खेतों की बुआई करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेत के पास पहले से ही पुलिया बनी हुई है। फसल लग जाने के बाद वह अपने खेतों से रास्ता नहीं देते हैं। इससे बाकी के किसान परेशान हो रहे हैं।
इस मुद्दे पर किसान राकेश सिंह ने कहा कि नहर से सटी उनकी तीन एकड़ जमीन है, परंतु एक भी पुलिया नहर पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग से पुलिया के लिए आवेदन किया है, परंतु नहर पक्की होती चली जा रही है। सिंचाई विभाग पुलिया नहीं बना रहा है। इससे खेतों में ट्रैक्टर को नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक पक्की नहर पर पुलिया का निर्माण होना चाहिए।
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इस मुद्दे पर किसान बलवीर सिंह ने कहा कि पक्की नहर बनने से पहले ही पुलिया के लिए जगह चिह्नित हो जानी चाहिए। इससे खेतों में किसानों की आवाजाही प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कहा कि नहर का पक्का होना जरूरी है, परंतु किसानों का हित का भी ध्यान रखना चाहिए।
इस मुद्दे पर एक्सईएन सिंचाई विभाग हाफिज उल रेशी ने कहा कि अभी के प्लान में पुलिया के निर्माण कार्य की मंजूरी उच्च अधिकारियों की तरफ से नहीं दी गई है, परंतु समय रहते किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मापदंड और नियमों के अनुसार पुलिया का निर्माण कार्य जरूर करवाया जाएगा।
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वहीं दूसरी ओर किसानों ने नहर पर पुलिया न बनाने की मांग की है। कहा कि पुलिया न होने से उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। नहर पक्की होने से खेतों में ट्रैक्टर और जानवरों को ले जाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि खेत से नहर की ऊंचाई अधिक है। इसके चलते किसानों के लिए खेतों की बुआई करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेत के पास पहले से ही पुलिया बनी हुई है। फसल लग जाने के बाद वह अपने खेतों से रास्ता नहीं देते हैं। इससे बाकी के किसान परेशान हो रहे हैं।
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इस मुद्दे पर किसान राकेश सिंह ने कहा कि नहर से सटी उनकी तीन एकड़ जमीन है, परंतु एक भी पुलिया नहर पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग से पुलिया के लिए आवेदन किया है, परंतु नहर पक्की होती चली जा रही है। सिंचाई विभाग पुलिया नहीं बना रहा है। इससे खेतों में ट्रैक्टर को नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक पक्की नहर पर पुलिया का निर्माण होना चाहिए।
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इस मुद्दे पर किसान बलवीर सिंह ने कहा कि पक्की नहर बनने से पहले ही पुलिया के लिए जगह चिह्नित हो जानी चाहिए। इससे खेतों में किसानों की आवाजाही प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कहा कि नहर का पक्का होना जरूरी है, परंतु किसानों का हित का भी ध्यान रखना चाहिए।
इस मुद्दे पर एक्सईएन सिंचाई विभाग हाफिज उल रेशी ने कहा कि अभी के प्लान में पुलिया के निर्माण कार्य की मंजूरी उच्च अधिकारियों की तरफ से नहीं दी गई है, परंतु समय रहते किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मापदंड और नियमों के अनुसार पुलिया का निर्माण कार्य जरूर करवाया जाएगा।