{"_id":"678d5a62dda7306bc3007600","slug":"jammu-kashmir-news-reasi-news-c-10-1-lko1021-527514-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिनाब रेलवे पुल और केबल ब्रिज इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना : डुल्लू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिनाब रेलवे पुल और केबल ब्रिज इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना : डुल्लू
विज्ञापन
मुख्य सचिव अंजी केबल ब्रिज का जायजा लेते हुए। संवाद
- फोटो : reasi news
रियासी। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने रविवार को उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने चिनाब पुल व अंजी केबल ब्रिज का जायजा लिया। मुख्य सचिव सड़क मार्ग से दोनों स्थानों पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट पर बात की। डुल्लू ने विश्व के सबसे ऊंचे पुल और केबल ब्रिज को इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना बताया।
इसी बीच रेलवे ने रविवार को कटड़ा से बडगाम तक 18 बोगी वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) दिनेश चंद्र देशवाल ने हाल ही में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) लाइन के उद्घाटन को मंजूरी दी थी। इसके बाद यह पहला परीक्षण किया गया है। सीआरएस ने सात और आठ जनवरी को ट्रैक का निरीक्षण किया था। इसके आधार पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सात पन्नों की रिपोर्ट में माल और यात्री ट्रेनों को शुरू करने की हरी झंडी दी थी। देशवाल ने तब मुख्य लाइन पर 85 किमी प्रति घंटे और टर्नआउट पर 15 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से ट्रेन के आवागमन के लिए खंड को नियमित रूप से खोलने की अनुमति दी थी।
-- -- --
1997 में शुरू हुई थी परियोजना
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना पर काम 1997 में शुरू हुआ था, लेकिन भूवैज्ञानिक, नदी-घाटी और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसमें देरी हुई। कुल 272 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में से 209 किलोमीटर को चरणों में चालू किया गया। इसमें 118 किमी का काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्तूबर 2009 में चालू हुआ था।
विज्ञापन
- जून 2013 में 18 किमी का बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किमी का उधमपुर-कटरा और पिछले साल फरवरी में 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड चालू किया गया।
- 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा कर लिया गया था। रियासी और कटड़ा के बीच कुल 17 किलोमीटर का हिस्सा बचा था। यह खंड आखिरकार दिसंबर 2024 में पूरा हुआ। बीते चार जनवरी को कटड़ा-बनिहाल रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया गया था। आठ जनवरी को कटड़ा से बनिहाल तक सबसे चुनौतीपूर्ण रेल मार्ग पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया गया।
विज्ञापन
इसी बीच रेलवे ने रविवार को कटड़ा से बडगाम तक 18 बोगी वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) दिनेश चंद्र देशवाल ने हाल ही में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) लाइन के उद्घाटन को मंजूरी दी थी। इसके बाद यह पहला परीक्षण किया गया है। सीआरएस ने सात और आठ जनवरी को ट्रैक का निरीक्षण किया था। इसके आधार पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सात पन्नों की रिपोर्ट में माल और यात्री ट्रेनों को शुरू करने की हरी झंडी दी थी। देशवाल ने तब मुख्य लाइन पर 85 किमी प्रति घंटे और टर्नआउट पर 15 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से ट्रेन के आवागमन के लिए खंड को नियमित रूप से खोलने की अनुमति दी थी।
विज्ञापन
1997 में शुरू हुई थी परियोजना
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना पर काम 1997 में शुरू हुआ था, लेकिन भूवैज्ञानिक, नदी-घाटी और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसमें देरी हुई। कुल 272 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में से 209 किलोमीटर को चरणों में चालू किया गया। इसमें 118 किमी का काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्तूबर 2009 में चालू हुआ था।
विज्ञापन
- जून 2013 में 18 किमी का बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किमी का उधमपुर-कटरा और पिछले साल फरवरी में 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड चालू किया गया।
- 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा कर लिया गया था। रियासी और कटड़ा के बीच कुल 17 किलोमीटर का हिस्सा बचा था। यह खंड आखिरकार दिसंबर 2024 में पूरा हुआ। बीते चार जनवरी को कटड़ा-बनिहाल रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया गया था। आठ जनवरी को कटड़ा से बनिहाल तक सबसे चुनौतीपूर्ण रेल मार्ग पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया गया।