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Jammu News: जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद होने से अब तक 100 करोड़ का नुकसान
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जम्मू। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार फिर थम गई। रसद से लदे करीब एक हजार ट्रक और दूसरे वाहन लखनपुर से उधमपुर और जम्मू के वेयर हाउस में खड़े रहे। नेशनल हाईवे के बंद होने से ट्रेडिंग कंपनियों को एक दिन में करीब 20 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। 19 अप्रैल के बाद से अब तक यह नुकसान सौ करोड़ रुपये के आंकड़े को छू गया है। इनमें ट्रकों पर लदी रसद के खराब होने से लेकर समय पर डिलीवरी न होने से दोनों तरफ के कारोबारियों का नुकसान शामिल है। सप्लाई में देरी से बिक्री भी कम हो रही है, इसके अलावा ट्रकों के ज्यादा समय तक खड़े रहने पर ट्रेडिंग कंपनियों को किराये के रूप में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। नेशनल हाईवे पर सबसे बड़ी सप्लाई श्रीनगर को जाती है। श्रीनगर तक अभी रेलवे नेटवर्क का उद्घाटन नहीं हो पाया है। ऐसे में पठानकोट और जम्मू तक मालगाड़ी में आने वाले सामान को भी यहां से आगे ट्रकों के माध्यम से ही लाया और ले जाया जाता है। जम्मू के वेयर हाउस से भी बड़ी तादाद में ट्रक सामान लेकर श्रीनगर और लद्दाख के लिए रवाना होते हैं। एनएचएआई को नेशनल हाईवे बंद करने की अनुमति शनिवार को मिल गई थी। इसके बाद जो ट्रक जहां थे उन्हें वहीं खड़े रखने के आदेश दिए गए थे। दूसरी तरफ श्रीनगर और लद्दाख से स्थानीय उत्पाद नेशनल हाईवे से जम्मू और राज्य से बाहर पहुंच रहे हैं। आर्थिक नुकसान के अलावा नेशनल हाईवे के किनारे खड़े ट्रक चालकों को खाने-पीने की मुश्किलें पेश आ रही हैं।
जम्मू-उधमपुर के बीच नगरोटा में खड़े ट्रक चालकों हरबंस, रोशन और बलविंदर ने बताया कि वे शनिवार को यहां ठहर गए थे। उन्हें फोन पर रविवार को नेशनल हाईवे बंद होने की जानकारी की मिल गई थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 19 अप्रैल को नेशनल हाईवे ठप हो गया था और जिसे जहां जगह मिली वो वहीं ठहर गया। इससे ट्रक चालकों को भूखे और प्यासे भी रहना पड़ा।
बाक्स
19 अप्रैल को हुआ था भूस्खलन
नेशनल हाईवे पर रामबन में 19 अप्रैल को भारी भूस्खलन हुआ था और इससे रामबन में करीब चार किलोमीटर हिस्सा प्रभावित हो गया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई ) ने 23 अप्रैल को सिंगल लेन पर यातायात बहाल कर दिया था। लेकिन दोनों लेन पर आवाजाही शुरू न होने से जाम की समस्या बनी हुई थी। एनएचएआई ने दोनों लेन बहाल करने के चौबीस घंटे तक नेशनल हाईवे को पूरी तरह बंद करने की अनुमति मांगी थी और प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद एनएच को रविवार सुबह से बंद कर दिया गया है। इससे पहले शनिवार शाम को ही प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर ट्रकों की आवाजाही को लेकर आदेश जारी किए थे।
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बाक्स
रास्ते में फंसे हैं रसद के ट्रक
भूषण एंड कंपनी के मालिक विद्या भूषण ने बताया कि नेशनल हाईवे के बार-बार बंद होने से कारोबारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रकों के बीच रास्ते खड़े रहने से रोजाना करीब बीस करोड़ रुपये की चपत लग रही है। अब तक पांच दिन का नुकसान देखें तो यह सौ करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को जो गाड़ियां लोड हुई थी वो रास्ते में फंसीं है। रविवार को छुट्टी की वजह से लोडिंग नहीं हुई है।
बाक्स
रात भर चलेगा नेशनल हाईवे बहाल करने का काम : एनएचएआई
नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे की मरम्मत का काम चल रहा है और इस वजह से एनएच को चौबीस घंटे के लिए बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि काम पूरा होते ही नेशनल हाईवे की दोनों लेन खुल जाएंगी और यातायात में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने भारी मशीनों को तैनात किया है और इससे मार्ग को बहाल करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि मार्ग को बहाल करने का काम पूरी रात चलेगा। सुबह आठ बजे दोनों लेन को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
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जम्मू-उधमपुर के बीच नगरोटा में खड़े ट्रक चालकों हरबंस, रोशन और बलविंदर ने बताया कि वे शनिवार को यहां ठहर गए थे। उन्हें फोन पर रविवार को नेशनल हाईवे बंद होने की जानकारी की मिल गई थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 19 अप्रैल को नेशनल हाईवे ठप हो गया था और जिसे जहां जगह मिली वो वहीं ठहर गया। इससे ट्रक चालकों को भूखे और प्यासे भी रहना पड़ा।
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19 अप्रैल को हुआ था भूस्खलन
नेशनल हाईवे पर रामबन में 19 अप्रैल को भारी भूस्खलन हुआ था और इससे रामबन में करीब चार किलोमीटर हिस्सा प्रभावित हो गया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई ) ने 23 अप्रैल को सिंगल लेन पर यातायात बहाल कर दिया था। लेकिन दोनों लेन पर आवाजाही शुरू न होने से जाम की समस्या बनी हुई थी। एनएचएआई ने दोनों लेन बहाल करने के चौबीस घंटे तक नेशनल हाईवे को पूरी तरह बंद करने की अनुमति मांगी थी और प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद एनएच को रविवार सुबह से बंद कर दिया गया है। इससे पहले शनिवार शाम को ही प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर ट्रकों की आवाजाही को लेकर आदेश जारी किए थे।
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रास्ते में फंसे हैं रसद के ट्रक
भूषण एंड कंपनी के मालिक विद्या भूषण ने बताया कि नेशनल हाईवे के बार-बार बंद होने से कारोबारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रकों के बीच रास्ते खड़े रहने से रोजाना करीब बीस करोड़ रुपये की चपत लग रही है। अब तक पांच दिन का नुकसान देखें तो यह सौ करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को जो गाड़ियां लोड हुई थी वो रास्ते में फंसीं है। रविवार को छुट्टी की वजह से लोडिंग नहीं हुई है।
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रात भर चलेगा नेशनल हाईवे बहाल करने का काम : एनएचएआई
नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे की मरम्मत का काम चल रहा है और इस वजह से एनएच को चौबीस घंटे के लिए बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि काम पूरा होते ही नेशनल हाईवे की दोनों लेन खुल जाएंगी और यातायात में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने भारी मशीनों को तैनात किया है और इससे मार्ग को बहाल करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि मार्ग को बहाल करने का काम पूरी रात चलेगा। सुबह आठ बजे दोनों लेन को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।