Jammu Kashmir: क्यूआर कोड के माध्यम से सशस्त्र सेना कोष में योगदान, सात दिसंबर को मनाया जाएगा झंडा दिवस
जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल कोष के लिए धन संग्रह अभियान शुरू किया गया है, जिसमें पर्यटन स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।
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सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को मनाया जाएगा। इसके लिए सशस्त्र बल कोष के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया गया है। पर्यटन स्थलों पर क्यूआर कोड लगाने का निर्देश दिए गए हैं, जहां पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। सोमवार को इसको लेकर राज्य स्तरीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस समिति की बैठक हुई। प्रमुख सचिव गृह चंद्राकर भारती की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई विभागों के अफसरों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सशस्त्र बल कोष में अंशदान हमारी भावनाओं का प्रतीक है। यह बहादुर सैनिकों के प्रति हमारे सक्रिय और निरंतर समर्थन का प्रमाण है। यह कोष सैनिक कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही कई कल्याणकारी योजनाओं को सुगम बनाता है। इस प्रकार एकत्रित धन का उपयोग पूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों के आर्थिक संकट को कम करने के अलावा शैक्षिक प्रोत्साहनों पर किया जाता है।
भूतपूर्व सैनिकों के लिए अंशदान बढ़ाना समय की मांग
प्रमुख सचिव ने कहा कि 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि हम सभी को सैनिकों, नौसैनिकों और वायुसैनिकों सहित सैन्य कर्मियों के प्रति कृतज्ञता और प्रशंसा व्यक्त करने की याद दिलाई जा सके, जो बहादुरी से देश की रक्षा करते हैं। समय की मांग है कि भूतपूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न माध्यमों से अंशदान बढ़ाया जाए। सैनिक कल्याण विभाग को आश्वासन दिया कि भूतपूर्व सैन्य कर्मियों के कल्याण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लोगों में जागरूकता पैदा करने पर जोर
बैठक में सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य माध्यमों से झंडा दिवस के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया, ताकि धन जुटाने में मदद मिल सके। इससे पहले निदेशक सैनिक कल्याण ने बैठक में विभाग की पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झंडा दिवस सामग्री पहले ही सभी उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों के बीच वितरित की जा चुकी है। सभी विभागों से आग्रह किया कि वे झंडा दिवस निधि के संग्रह के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करें।
बैठक में आयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन संजीव वर्मा, संभागीय आयुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सचिव स्मिता सेठी, महानिदेशक लेखा एवं कोषागार फैयाज अहमद लोन, निदेशक सैनिक कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर ब्रिगेडियर गुरमीत सिंह शान, अतिरिक्त आयुक्त जम्मू नरेश कुमार, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा विभाग कांता देवी, अतिरिक्त सचिव गृह डॉ. सुनील शर्मा, संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) सूचना विभाग विवेक पुरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एआईजी) मनोज कुमार मौजूद रहे।