{"_id":"6354565ddaa05f1c176fef26","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu2708030194","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण से खुशी की लहर, पूरे बॉर्डर इलाके में जश्न का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण से खुशी की लहर, पूरे बॉर्डर इलाके में जश्न का माहौल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में दिवाली से पहले सरकारी नौकरियों में आरक्षण का तोहफा मिलने से पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों, गोरखा, जाट, क्रिश्चियन, सैनी समेत 15 बिरादरी के लोगों में खुशी की लहर है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अखनूर से लेकर कठुआ तक रहने वाले जाट समुदाय में भी जश्न का माहौल है। इनका कहना है कि आजादी के 75 साल बाद जाकर अब उन्हें हक मिला है। इससे अब उनके सरकारी नौकरी का रास्ता खुल पाया है। सैनी बिरादरी ने बिश्नाह में जश्न मनाया।
जेएंडके जाट सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुखनंदन ने कहा कि नौशेरा, मेंढर से लेकर कठुआ तक के बॉर्डर इलाके में कम से कम पांच लाख जाट समुदाय के लोग रहते हैं। 2008 से ही आरक्षण की मांग उठती रही है जो अब रंग लाई है। अब इस बिरादरी के युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। बिरादरी के लगभग दो लाख वोटर हैं। जम्मू जिले के मढ़, बिस्नाह, सुचेतगढ़, जम्मू दक्षिण विधानसभा में प्रभाव रखते हैं। पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजी शरणार्थी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी का कहना है कि यह समुदाय के लिए बड़ी ही खुशी की बात है। पहले डोमिसाइल मिला और अब उन्हें आरक्षण का हक। इससे समाज के लोग और सशक्त होंगे। खासकर युवाओं को लाभ होगा। समाज के लोगों को अन्य राज्यों में आरक्षण का लाभ मिलता रहा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में लोग इससे वंचित थे। गोरखा सभा की अध्यक्ष करुणा छेत्री का कहना है कि चार फीसदी आरक्षण से समाज के लोगों को सरकारी क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देने का मौका मिल सके। सरकार के इस फैसले से कम से कम 30 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। पूरा समाज सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है।
ऑल जेएंडके जाट सभा के अध्यक्ष पूर्व मंत्री एस मंजीत सिंह ने कहा कि सरकार के समक्ष लोगों ने आरक्षण का मुद्दा उठाया। लोगों की समस्या का ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें आरक्षण में शामिल किया है। सरकार ने लोगों को दिवाली पर्व पर आरक्षण का उपहार दिया है। खुशी के साथ दिवाली मनाएंगे। युवा जाट सभा के अध्यक्ष अमन दीप सिंह गोपराय ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जाट समाज के तमाम लोगों में खुशी का माहौल है। लोग आरक्षण की मांग को लेकर दशकों से ही सरकार से मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। सरकार के इस फैसले से राहत मिली है।
विज्ञापन
आरक्षण मामले में मंडल कमीशन के मानकों को पूरा नहीं किया : ओबीसी महासभा
जम्मू। सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ी 15 जातियों को आरक्षण श्रेणी में शामिल करने के फैसले पर ओबीसी महासभा ने सवाल उठाए हैं। सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट के तहत जम्मू कश्मीर में ओबीसी आरक्षण के लिए 63 जातियों की शिनाख्त की गई थी, जिसमें 6 को एसटी का दर्जा दिया गया, लेकिन 57 को अब तक पूरा न्याय नहीं मिल पाया है। सरकार को पहले उक्त जातियों के आरक्षण को सुनिश्चित बनाना चाहिए।
ओबीसी महासभा के संयोजक बंसी लाल चौधरी का कहना है कि सरकार ने 15 नई जातियों को जो आरक्षण देने का फैसला किया है उनमें अधिकांश मंडल कमीशन के मानकों को पूरा नहीं करती हैं, जिससे लंबित जातियों को आरक्षण में न्याय नहीं मिलेगा। महासभा के चेयरमैन कस्तूरी लाल बसोत्रा ने कहा कि महासभा की ओर से 1 से 3 नवंबर तक जम्मू से चौथी ओबीसी अधिकार तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। महासभा के महासचिव मोहन लाल पवार ने कहा कि सरकार आरक्षण के मामले कमीशन की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए मनमाने फैसले ले रही है। आल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के प्रधान फकीर चंद सतिया ने कहा कि आरक्षित मामले को लेकर महासभा सर्वोच्च न्यायालय में जाएगी। सरकार ने कई जातियों को बिना मानकों को पूरा करने पर भी आरक्षण की श्रेणी में शामिल कर लिया है।
विज्ञापन
जेएंडके जाट सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुखनंदन ने कहा कि नौशेरा, मेंढर से लेकर कठुआ तक के बॉर्डर इलाके में कम से कम पांच लाख जाट समुदाय के लोग रहते हैं। 2008 से ही आरक्षण की मांग उठती रही है जो अब रंग लाई है। अब इस बिरादरी के युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। बिरादरी के लगभग दो लाख वोटर हैं। जम्मू जिले के मढ़, बिस्नाह, सुचेतगढ़, जम्मू दक्षिण विधानसभा में प्रभाव रखते हैं। पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजी शरणार्थी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी का कहना है कि यह समुदाय के लिए बड़ी ही खुशी की बात है। पहले डोमिसाइल मिला और अब उन्हें आरक्षण का हक। इससे समाज के लोग और सशक्त होंगे। खासकर युवाओं को लाभ होगा। समाज के लोगों को अन्य राज्यों में आरक्षण का लाभ मिलता रहा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में लोग इससे वंचित थे। गोरखा सभा की अध्यक्ष करुणा छेत्री का कहना है कि चार फीसदी आरक्षण से समाज के लोगों को सरकारी क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देने का मौका मिल सके। सरकार के इस फैसले से कम से कम 30 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। पूरा समाज सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है।
विज्ञापन
ऑल जेएंडके जाट सभा के अध्यक्ष पूर्व मंत्री एस मंजीत सिंह ने कहा कि सरकार के समक्ष लोगों ने आरक्षण का मुद्दा उठाया। लोगों की समस्या का ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें आरक्षण में शामिल किया है। सरकार ने लोगों को दिवाली पर्व पर आरक्षण का उपहार दिया है। खुशी के साथ दिवाली मनाएंगे। युवा जाट सभा के अध्यक्ष अमन दीप सिंह गोपराय ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जाट समाज के तमाम लोगों में खुशी का माहौल है। लोग आरक्षण की मांग को लेकर दशकों से ही सरकार से मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। सरकार के इस फैसले से राहत मिली है।
विज्ञापन
आरक्षण मामले में मंडल कमीशन के मानकों को पूरा नहीं किया : ओबीसी महासभा
जम्मू। सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ी 15 जातियों को आरक्षण श्रेणी में शामिल करने के फैसले पर ओबीसी महासभा ने सवाल उठाए हैं। सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट के तहत जम्मू कश्मीर में ओबीसी आरक्षण के लिए 63 जातियों की शिनाख्त की गई थी, जिसमें 6 को एसटी का दर्जा दिया गया, लेकिन 57 को अब तक पूरा न्याय नहीं मिल पाया है। सरकार को पहले उक्त जातियों के आरक्षण को सुनिश्चित बनाना चाहिए।
ओबीसी महासभा के संयोजक बंसी लाल चौधरी का कहना है कि सरकार ने 15 नई जातियों को जो आरक्षण देने का फैसला किया है उनमें अधिकांश मंडल कमीशन के मानकों को पूरा नहीं करती हैं, जिससे लंबित जातियों को आरक्षण में न्याय नहीं मिलेगा। महासभा के चेयरमैन कस्तूरी लाल बसोत्रा ने कहा कि महासभा की ओर से 1 से 3 नवंबर तक जम्मू से चौथी ओबीसी अधिकार तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। महासभा के महासचिव मोहन लाल पवार ने कहा कि सरकार आरक्षण के मामले कमीशन की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए मनमाने फैसले ले रही है। आल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के प्रधान फकीर चंद सतिया ने कहा कि आरक्षित मामले को लेकर महासभा सर्वोच्च न्यायालय में जाएगी। सरकार ने कई जातियों को बिना मानकों को पूरा करने पर भी आरक्षण की श्रेणी में शामिल कर लिया है।