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पंचायत घरों को वाईफाई, डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिलेगी
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जम्मू। पंचायत घरों में वाईफाई, डिजिटल पेमेंट व अन्य ऑनलाइन सुविधाएं मुहैया करवाने की शुरूआत हो गई है। प्रथम चरण में प्रदेश में 44 डिजिटल गांव स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक जिले में दो गांवों के पंचायत घरों का डिजिटलीकरण होगा। यहां पर गांववासियों को वाईफाई हॉटस्पाट के अलावा अन्य सभी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
प्रदेश सरकार के दावे के अनुसार संबंधित जिला उपायुक्त दो गांवों की निशानदेही करेंगे, जिसके आधार पर पंचायत घरों का डिजिटलीकरण किया गया। पांच करोड़ की राशि इसके लिए प्रदेश सरकार ने खर्च की है। चरणबद्ध तरीके से अन्य पंचायत घरों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम का बुनियादी उद्देश्य गांववासियों को घरों के पास ही आधुनिक सूचना तकनीक की सुविधाएं मुहैया करवाना है ताकि वह सभी सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल कर सकें।
योजना के तहत गांव में मौजूद पंचायत घर की इमारत को डिजिटल गांव केंद्र के रूप में तबदील किया जाएगा। यहां पर स्मार्ट एलईडी, कंप्यूटर, स्क्रीन, इंटरनेट और अन्य संबंधित सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। ग्रामीण विकास विभाग के गांव स्तर के वर्कर (वीएलडब्ल्यू) को डिजिटल गांव केंद्र के कस्टोडियन का जिम्मा सौंपा जाएगा। गांव नंबरदार और चौकीदार को भी केंद्र की देखरेख की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना है कि 44 डिजिटल गांव केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। डिजिटल गांव केंद्रों में सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और लोग इसका भरपूर लाभ उठा सकेंगे।
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प्रदेश सरकार के दावे के अनुसार संबंधित जिला उपायुक्त दो गांवों की निशानदेही करेंगे, जिसके आधार पर पंचायत घरों का डिजिटलीकरण किया गया। पांच करोड़ की राशि इसके लिए प्रदेश सरकार ने खर्च की है। चरणबद्ध तरीके से अन्य पंचायत घरों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम का बुनियादी उद्देश्य गांववासियों को घरों के पास ही आधुनिक सूचना तकनीक की सुविधाएं मुहैया करवाना है ताकि वह सभी सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल कर सकें।
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योजना के तहत गांव में मौजूद पंचायत घर की इमारत को डिजिटल गांव केंद्र के रूप में तबदील किया जाएगा। यहां पर स्मार्ट एलईडी, कंप्यूटर, स्क्रीन, इंटरनेट और अन्य संबंधित सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। ग्रामीण विकास विभाग के गांव स्तर के वर्कर (वीएलडब्ल्यू) को डिजिटल गांव केंद्र के कस्टोडियन का जिम्मा सौंपा जाएगा। गांव नंबरदार और चौकीदार को भी केंद्र की देखरेख की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना है कि 44 डिजिटल गांव केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। डिजिटल गांव केंद्रों में सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और लोग इसका भरपूर लाभ उठा सकेंगे।