{"_id":"629285ac3dbd5704fe31ca8c","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu260770927","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में 10वीं के 63 फीसदी बच्चों को विज्ञान विषय में नहीं बेसिक जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में 10वीं के 63 फीसदी बच्चों को विज्ञान विषय में नहीं बेसिक जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में 8वीं के 32 फीसदी छात्रों को सामाजिक विज्ञान तो 10वीं के 63 फीसदी को विज्ञान और 57 फीसदी छात्रों को सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम की सामान्य जानकारी ही नहीं है। यह आंकड़े नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2021 (एनएएस) में सामने आए हैं। सर्वे रिपोर्ट को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे को कक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं और 10वीं के बीच पिछले वर्ष 12 नवंबर में करवाया गया था। इसमें कक्षा तीसरी से पांचवीं के बच्चों के लिए भाषा और पर्यावरण विज्ञान, कक्षा आठवीं के बच्चों के लिए भाषा, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान और कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और इंग्लिश विषय में यह सर्वे करवाया गया था। यह सर्वे प्रदेश के 3650 स्कूलों में हुआ था, इसमें 79256 बच्चों और 16260 शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। एनएएस की रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में विषय के ज्ञान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 के बाद पहली बार जारी हुआ है।
----
कक्षा आठवीं में 21 फीसदी बच्चों को नहीं गणित का सामान्य ज्ञान
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कक्षा 8वीं के 21 फीसदी बच्चों को गणित, 29 फीसदी को विज्ञान, 32 फीसदी को सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम का सामान्य ज्ञान नहीं है। वहीं 10वीं में 30 फीसदी का गणित और 67 फीसदी बच्चों का मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज में ज्ञान सामान्य से नीचे है।
---
26 फीसदी शिक्षकों ने कहा- पीने का पानी नहीं
नेशनल अचीवमेंट सर्वे में शिक्षकों को शामिल किया था। 26 फीसदी शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है, जबकि 33 फीसदी शिक्षकों ने स्कूलों में इमारतों में सुधार करने की बात कही है। 29 फीसदी शिक्षकों ने काम में अतिरिक्त बोझ होने की बात कही। कोविड के समय प्रदेश में 34 फीसदी बच्चों के पास किसी भी तरह की डिजिटल डिवाइस नहीं थी।
विज्ञापन
---
कक्षा पांचवीं में 24 फीसदी बच्चों को गणित और ईवीएस का नहीं पता
रिपोर्ट में कक्षा पांचवीं से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। कक्षा पांचवीं में 24 फीसदी बच्चों को गणित और ईवीएस का सामान्य ज्ञान नहीं है। कक्षा तीन में 23 फीसदी बच्चों को भाषा, 17 फीसदी को गणित और 18 को ईवीएस पाठ्यक्रम का सामान्य ज्ञान नहीं है।
कोट
नेशनल एचीवमेंट सर्वे रिपोर्ट में पिछले साल की तुलना में हमारी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। प्राइमरी स्तर तक विभाग द्वारा किए प्रयासों के परिणाम इस रिपोर्ट में अच्छे आए हैं। दसवीं कक्षा में जिन विषयों में हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं है, उसका आंकलन कर हम नीतिगत रूप से काम करेंगे। अगल वर्ष हमारा प्रदर्शन इस वर्ष की तुलना से कहीं ज्यादा बेहतर होगा।
बीके सिंह, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग
---
विज्ञापन
----
कक्षा आठवीं में 21 फीसदी बच्चों को नहीं गणित का सामान्य ज्ञान
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कक्षा 8वीं के 21 फीसदी बच्चों को गणित, 29 फीसदी को विज्ञान, 32 फीसदी को सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम का सामान्य ज्ञान नहीं है। वहीं 10वीं में 30 फीसदी का गणित और 67 फीसदी बच्चों का मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज में ज्ञान सामान्य से नीचे है।
विज्ञापन
---
26 फीसदी शिक्षकों ने कहा- पीने का पानी नहीं
नेशनल अचीवमेंट सर्वे में शिक्षकों को शामिल किया था। 26 फीसदी शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है, जबकि 33 फीसदी शिक्षकों ने स्कूलों में इमारतों में सुधार करने की बात कही है। 29 फीसदी शिक्षकों ने काम में अतिरिक्त बोझ होने की बात कही। कोविड के समय प्रदेश में 34 फीसदी बच्चों के पास किसी भी तरह की डिजिटल डिवाइस नहीं थी।
विज्ञापन
---
कक्षा पांचवीं में 24 फीसदी बच्चों को गणित और ईवीएस का नहीं पता
रिपोर्ट में कक्षा पांचवीं से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। कक्षा पांचवीं में 24 फीसदी बच्चों को गणित और ईवीएस का सामान्य ज्ञान नहीं है। कक्षा तीन में 23 फीसदी बच्चों को भाषा, 17 फीसदी को गणित और 18 को ईवीएस पाठ्यक्रम का सामान्य ज्ञान नहीं है।
कोट
नेशनल एचीवमेंट सर्वे रिपोर्ट में पिछले साल की तुलना में हमारी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। प्राइमरी स्तर तक विभाग द्वारा किए प्रयासों के परिणाम इस रिपोर्ट में अच्छे आए हैं। दसवीं कक्षा में जिन विषयों में हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं है, उसका आंकलन कर हम नीतिगत रूप से काम करेंगे। अगल वर्ष हमारा प्रदर्शन इस वर्ष की तुलना से कहीं ज्यादा बेहतर होगा।
बीके सिंह, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग
---