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सऊदी अरब की तीन कंपनियां कर रहीं भारी निवेश
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जम्मू। उद्योग व वाणिज्य विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बदले हुए माहौल में
सऊदी अरब की तीन कंपनियां यहां भारी निवेश कर रही हैं। इनमें एमआर ग्रुप जम्मू के प्रदर्शनी मैदान और श्रीनगर के बादामीबाग के पास दो मल्टीपर्पज आईटी टावर का निर्माण करेगा। इसमें सभी प्रकार की कंपनियां होंगी। लुलू ग्रुप श्रीनगर में मॉल का निर्माण करेगा। डीपी वर्ल्ड कठुआ में इनलैंड कंटेनर डिपो बनाएगा। तीनों ही कंपनियों ने लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। विदेशी निवेश से जम्मू और कश्मीर दोनों की तस्वीर बदल जाएगी।
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मेदांता व अपोलो अस्पताल खुलेंगे
जम्मू-कश्मीर में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त अस्पताल का अभाव है। लोग इलाज के लिए जालंधर, अमृतसर या फिर दिल्ली जाने को बाध्य हैं। जो निजी अस्पताल यहां हैं उनमें बेड कम हैं। जम्मू में मेदांता व अपोलो जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पताल खुलेंगे। इससे आने वाले दिनों में लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
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कश्मीर में खुलेंगे सात मेडिकल कॉलेज
कश्मीर के बहुत से छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए देश के दूसरे राज्यों के साथ ही विदेशों का रुख करते हैं। इस वजह से यहां निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला किया गया है। जल्द ही सात नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। इसमें 4500 बेड की क्षमता होगी। साथ ही एमबीबीएस की 1100 सीटें भी बढ़ जाएंगी। फिलहाल जम्मू में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन उम्मीद है कि यहां भी लोग आगे आएंगे।
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जमीन आवंटन पर जिम्मेदारी तय
उद्योग लगाने के लिए जमीन आवंटन पर जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए शपथ पत्र देना होता है। मेरिट कम च्वाइस आधार पर जमीन आवंटन होता है। अब जमीन आवंटन पर उत्पादन करना ही होगा। जिस उद्देश्य से जमीन ली गई है उसे पूरा न करने पर आवंटन रद्द होगा। लैंड यूज नियमों में बदलाव से उद्योग लगाने का रास्ता साफ हो गया है। अब लैंड यूज में बदलाव के नाम पर खेल बंद हो गया है। निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का भी सरकार ने फैसला किया है। कोई भी व्यक्ति औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकता है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण करने के बजाय लोगों से स्वयं जमीन की व्यवस्था करने को कहा है ताकि जल्द से जल्द काम शुरू हो सके। सरकार मूलभूत सुविधाएं बिजली-पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
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सऊदी अरब की तीन कंपनियां यहां भारी निवेश कर रही हैं। इनमें एमआर ग्रुप जम्मू के प्रदर्शनी मैदान और श्रीनगर के बादामीबाग के पास दो मल्टीपर्पज आईटी टावर का निर्माण करेगा। इसमें सभी प्रकार की कंपनियां होंगी। लुलू ग्रुप श्रीनगर में मॉल का निर्माण करेगा। डीपी वर्ल्ड कठुआ में इनलैंड कंटेनर डिपो बनाएगा। तीनों ही कंपनियों ने लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। विदेशी निवेश से जम्मू और कश्मीर दोनों की तस्वीर बदल जाएगी।
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मेदांता व अपोलो अस्पताल खुलेंगे
जम्मू-कश्मीर में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त अस्पताल का अभाव है। लोग इलाज के लिए जालंधर, अमृतसर या फिर दिल्ली जाने को बाध्य हैं। जो निजी अस्पताल यहां हैं उनमें बेड कम हैं। जम्मू में मेदांता व अपोलो जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पताल खुलेंगे। इससे आने वाले दिनों में लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
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कश्मीर में खुलेंगे सात मेडिकल कॉलेज
कश्मीर के बहुत से छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए देश के दूसरे राज्यों के साथ ही विदेशों का रुख करते हैं। इस वजह से यहां निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला किया गया है। जल्द ही सात नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। इसमें 4500 बेड की क्षमता होगी। साथ ही एमबीबीएस की 1100 सीटें भी बढ़ जाएंगी। फिलहाल जम्मू में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन उम्मीद है कि यहां भी लोग आगे आएंगे।
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जमीन आवंटन पर जिम्मेदारी तय
उद्योग लगाने के लिए जमीन आवंटन पर जिम्मेदारी तय की गई है। इसके लिए शपथ पत्र देना होता है। मेरिट कम च्वाइस आधार पर जमीन आवंटन होता है। अब जमीन आवंटन पर उत्पादन करना ही होगा। जिस उद्देश्य से जमीन ली गई है उसे पूरा न करने पर आवंटन रद्द होगा। लैंड यूज नियमों में बदलाव से उद्योग लगाने का रास्ता साफ हो गया है। अब लैंड यूज में बदलाव के नाम पर खेल बंद हो गया है। निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का भी सरकार ने फैसला किया है। कोई भी व्यक्ति औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकता है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण करने के बजाय लोगों से स्वयं जमीन की व्यवस्था करने को कहा है ताकि जल्द से जल्द काम शुरू हो सके। सरकार मूलभूत सुविधाएं बिजली-पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
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