{"_id":"622bb27201597a281a713153","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu255557514","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में एपीआर के 342 मामले लंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में एपीआर के 342 मामले लंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जेएंडके स्पैरो प्लेटफार्म के माध्यम से जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के सदस्यों (जेकेएएस) से मांगी गई वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट (एपीआर) के लंबित मामलों पर अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से जनवरी तक एपीआर मांगी गई थी, लेकिन अब भी 342 मामले लंबित हैं। इसमें आरंभ करने वाले प्राधिकरण के पास 32, समीक्षा प्राधिकारी के पास 76 और स्वीकृति प्राधिकारी के पास 234 मामले लंबित हैं। सरकार के प्रमुख सचिव मनोज कुमार द्विवेदी की ओर से जारी एक आदेश में सभी लंबित मामलों पर तीन दिन के भीतर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
2020-21 की एपीआर का मूल्यांकन किया जाना है। इसमें वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर ही प्रशासनिक सेवा के सदस्य के भविष्य लाभों को तय किया जाएगा। एपीआर जमा करवाने के लिए कई बार तिथि बढ़ाई गई, लेकिन अभी भी कई अधिकारियों ने पोर्टल के माध्यम से एपीआर जमा नहीं करवाई है। जिससे उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन नहीं किया जा सका है। सरकार की ओर से ऐसे लंबित मामलों को संबंधित प्राधिकरण के पास भेजने को कहा गया है, ताकि अनुशासनिक कार्रवाई तय की जा सके।
विज्ञापन
2020-21 की एपीआर का मूल्यांकन किया जाना है। इसमें वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर ही प्रशासनिक सेवा के सदस्य के भविष्य लाभों को तय किया जाएगा। एपीआर जमा करवाने के लिए कई बार तिथि बढ़ाई गई, लेकिन अभी भी कई अधिकारियों ने पोर्टल के माध्यम से एपीआर जमा नहीं करवाई है। जिससे उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन नहीं किया जा सका है। सरकार की ओर से ऐसे लंबित मामलों को संबंधित प्राधिकरण के पास भेजने को कहा गया है, ताकि अनुशासनिक कार्रवाई तय की जा सके।
विज्ञापन