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कैसे रोकेंगे संक्रमण, दो दिन में कार्ययोजना सौंपें शिक्षण संस्थान
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों से सरकार ने दो दिन में कोरोना से निपटने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना मांगी है। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने सामाजिक दूरी, कोविड प्रोटोकॉल, टीकाकरण, स्क्रीनिंग और आपातकालीन एसओपी पर योजना तैयार कर दो दिनों में देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2022-23 जम्मू-कश्मीर के लिए शैक्षणिक परिवर्तन का वर्ष होगा। उन्होंने स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की व्यवस्था का जायजा लेते हुए शिक्षण संस्थानों में कोविड एसओपी का सख्ती से पालन करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने नियमित रूप से संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करने के बाद शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला लिया है। प्रदेश में संक्रमण दर 0.7 फीसदी है। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कॉलेजों के प्राचार्यों और सभी स्कूलों के प्रमुखों से सामाजिक दूरी, कोविड प्रोटोकॉल, टीकाकरण, स्क्रीनिंग और आपातकालीन एसओपी पर योजना तैयार कर दो दिनों में देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने शिक्षण संस्थानों को सलाह दी कि वे अपनी कोविड प्रबंधन योजनाओं को यूजीसी के आदर्श दिशा-निर्देशों पर आधारित करें। शिक्षा संस्थानों को नियमित रूप से छात्रों की स्क्रीनिंग करने को कहा ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग को कॉलेज और स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी हर मदद करने को कहा। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति को समय रहते लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा रेजिडेंट कमिश्नर, नई दिल्ली, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव, विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपायुक्त और संबंधित विभागाध्यक्षों ने भाग लिया।
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मुख्य सचिव ने शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2022-23 जम्मू-कश्मीर के लिए शैक्षणिक परिवर्तन का वर्ष होगा। उन्होंने स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की व्यवस्था का जायजा लेते हुए शिक्षण संस्थानों में कोविड एसओपी का सख्ती से पालन करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने नियमित रूप से संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करने के बाद शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला लिया है। प्रदेश में संक्रमण दर 0.7 फीसदी है। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कॉलेजों के प्राचार्यों और सभी स्कूलों के प्रमुखों से सामाजिक दूरी, कोविड प्रोटोकॉल, टीकाकरण, स्क्रीनिंग और आपातकालीन एसओपी पर योजना तैयार कर दो दिनों में देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने शिक्षण संस्थानों को सलाह दी कि वे अपनी कोविड प्रबंधन योजनाओं को यूजीसी के आदर्श दिशा-निर्देशों पर आधारित करें। शिक्षा संस्थानों को नियमित रूप से छात्रों की स्क्रीनिंग करने को कहा ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग को कॉलेज और स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी हर मदद करने को कहा। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति को समय रहते लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा रेजिडेंट कमिश्नर, नई दिल्ली, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव, विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपायुक्त और संबंधित विभागाध्यक्षों ने भाग लिया।
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