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सरकारी स्कूलों में खुलेंगे हैप्पीनेस जोन, शिक्षक करेंगे छात्रों की समस्या का हल
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जम्मू। स्कूली बच्चों को करियर, मानसिक स्वास्थ्य सहित विभिन्न पहलुओं पर व्यक्तिगत परामर्श देने के लिए सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस जोन बनाए जाएंगे। यह स्कूल में एक अलग जगह पर बनेंगे, जिसमें बच्चे शिक्षक से अपनी समस्या को सांझा कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के काउंसिल सेल ने इस पर काम शुरू कर दिया है। स्कूलों में हैप्पीनेस जोन खोलने शुरू भी कर दिए गए हैं। इसमें मिडिल से लेकर 12वीं तक के स्कूल शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के काउंसिल सेल के हेड डॉ. रोमेश शर्मा ने कहा कि हैप्पीनेस जोन को शुरू करने का उद्देश्य बच्चों को हर तरह का व्यक्तिगत परामर्श देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। इसमें बच्चे अपनी दिक्कतों को शिक्षकों से सांझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में नियमित ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद ये केंद्र काफी उपयोगी साबित होंगे। बच्चे अपने अध्यापक से जो बात सबके सामने क्लास रूम में नहीं कह सकते, वह हैप्पीनेस जोन में कह सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में हैप्पीनेस जोन वहां की स्थिति के हिसाब से बनाए जा रहे हैं। शहर के छन्नी हायर सेकेंडरी स्कूल सहित अन्य हायर सेकेंडरी स्कूलों में ये केंद्र शुरू भी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर छात्र करियर, मानसिक स्वास्थ्य, बुलिंग सहित अन्य तरह की परेशानी से ग्रस्त है तो उसका असर उसकी पढ़ाई पर पड़ता है, ऐसे में हैप्पीनेस जोन बच्चों के लिए वरदान साबित होंगे।
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स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के काउंसिल सेल के हेड डॉ. रोमेश शर्मा ने कहा कि हैप्पीनेस जोन को शुरू करने का उद्देश्य बच्चों को हर तरह का व्यक्तिगत परामर्श देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। इसमें बच्चे अपनी दिक्कतों को शिक्षकों से सांझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में नियमित ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद ये केंद्र काफी उपयोगी साबित होंगे। बच्चे अपने अध्यापक से जो बात सबके सामने क्लास रूम में नहीं कह सकते, वह हैप्पीनेस जोन में कह सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में हैप्पीनेस जोन वहां की स्थिति के हिसाब से बनाए जा रहे हैं। शहर के छन्नी हायर सेकेंडरी स्कूल सहित अन्य हायर सेकेंडरी स्कूलों में ये केंद्र शुरू भी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर छात्र करियर, मानसिक स्वास्थ्य, बुलिंग सहित अन्य तरह की परेशानी से ग्रस्त है तो उसका असर उसकी पढ़ाई पर पड़ता है, ऐसे में हैप्पीनेस जोन बच्चों के लिए वरदान साबित होंगे।
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