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जहांगीर सरूरी से भतीजे ने की बंदूक छोड़ने की अपील
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जम्मू। किश्तवाड़ जिले में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी के भतीजे ने उससे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। सरूरी 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवादी रैंक में शामिल हो गया था और पिछले तीन दशकों से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा है।
अमीन के बड़े भाई करीम के बेटे जुनैद ने बढ़ईगीरी का सफ लतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं सेना का शुक्रगुजार हूं, जिसने हमारे परिवार की मदद की और मुझे बढ़ईगीरी का 90 दिन का प्रशिक्षण दिया। सेना इस तथ्य को जानने के बावजूद कि उसके चाचा एक आतंकवादी हैं, उनके घर आए और उन्हें पाठ्यक्रम के लिए नामांकित किया। मेरी उनसे (चाचा) अपील है कि वह समर्पण कर घर लौट जाएं। कोई भी कभी हमारी मदद के लिए नहीं आया। हम सेना के आभारी हैं जो हमेशा हमारी मदद के लिए मौजूद है। कहा कि युवाओं को आतंकवाद और नशीली दवाओं के गलत रास्ते से दूर रहना चाहिए।
एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में 2018 और 2019 में आतंकी घटनाओं के पीछे अमीन का हाथ माना जाता था, जो यहां आतंकवाद को दोबारा जिंदा करना चाहता है। आतंकवादियों ने 1 नवंबर, 2018 को किश्तवाड़ शहर में वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि आरएसएस के पदाधिकारी चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की 9 अप्रैल, 2019 को एक अस्पताल में हत्या कर दी गई थी। 2019 में दो और मौकों पर भी आतंकी दो पुलिसकर्मियों की सर्विस राइफ लों के साथ फ रार हो गए थे।
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हालांकि, जिले में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ पहली बड़ी सफ लता 28 सितंबर, 2019 को दर्ज की गई थी, जब सुरक्षा बलों ने ओसामा बिन जावेद सहित तीन आतंकियों को मार गिराया था। वे लक्षित हत्याओं के सिलसिले में पास के रामबन जिले में एक मुठभेड़ में वांछित थे। पुलिस ने संगठन के लगभग दो दर्जन सदस्यों और भूमिगत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और उनके कई ठिकानों का भंडाफ ोड़ किया गया था। अक्तूबर 2019 में पुलिस ने अमीन और दो अन्य के सिर पर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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अमीन के बड़े भाई करीम के बेटे जुनैद ने बढ़ईगीरी का सफ लतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं सेना का शुक्रगुजार हूं, जिसने हमारे परिवार की मदद की और मुझे बढ़ईगीरी का 90 दिन का प्रशिक्षण दिया। सेना इस तथ्य को जानने के बावजूद कि उसके चाचा एक आतंकवादी हैं, उनके घर आए और उन्हें पाठ्यक्रम के लिए नामांकित किया। मेरी उनसे (चाचा) अपील है कि वह समर्पण कर घर लौट जाएं। कोई भी कभी हमारी मदद के लिए नहीं आया। हम सेना के आभारी हैं जो हमेशा हमारी मदद के लिए मौजूद है। कहा कि युवाओं को आतंकवाद और नशीली दवाओं के गलत रास्ते से दूर रहना चाहिए।
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एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में 2018 और 2019 में आतंकी घटनाओं के पीछे अमीन का हाथ माना जाता था, जो यहां आतंकवाद को दोबारा जिंदा करना चाहता है। आतंकवादियों ने 1 नवंबर, 2018 को किश्तवाड़ शहर में वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि आरएसएस के पदाधिकारी चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की 9 अप्रैल, 2019 को एक अस्पताल में हत्या कर दी गई थी। 2019 में दो और मौकों पर भी आतंकी दो पुलिसकर्मियों की सर्विस राइफ लों के साथ फ रार हो गए थे।
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हालांकि, जिले में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ पहली बड़ी सफ लता 28 सितंबर, 2019 को दर्ज की गई थी, जब सुरक्षा बलों ने ओसामा बिन जावेद सहित तीन आतंकियों को मार गिराया था। वे लक्षित हत्याओं के सिलसिले में पास के रामबन जिले में एक मुठभेड़ में वांछित थे। पुलिस ने संगठन के लगभग दो दर्जन सदस्यों और भूमिगत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और उनके कई ठिकानों का भंडाफ ोड़ किया गया था। अक्तूबर 2019 में पुलिस ने अमीन और दो अन्य के सिर पर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।