पुलवामा मुठभेड़ : सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, तीन आतंकियों का हुआ खात्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में शुक्रवार की सुबह सेना ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इससे पहले उनके बीच काफी देर तक मुठभेड़ चली। मुठभेड़ पुलवामा के काकापोरा इलाके में हुई है।
सूत्रों के अनुसार सभी आतंकी स्थानीय थे और तीन मंजिला इमारत में छिपे थे। सुरक्षाबलों द्वारा विस्फोटक से इस तीन मंजिला इमारत को उड़ा दिया। जिसके बाद तीनों आतंकियों को मारने में सफलता हासिल हुई। सुरक्षा कर्मियों को मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
वहीं आतंकियों द्वारा की गई फायरिंग में दो नागिरकों के भी घायल होने की सूचना मिली है। घायलों की पहचान पास पुलवामा के संबूरा के इशरत जान (25) और गुलाब नबी डार (42) के तौर पर हुई है। इन्हें पहले नजदीक स्थित एक अस्पताल ले जाया गया और फिर एसएमएचएस में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत स्थिर है।
इस हमले पर आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि मारे गए आतंकवादी बृहस्पतिवार को भाजपा नेता अनवर अहमद के नौगाम स्थिति आवास पर हुए हमले में शामिल थे।
#UPDATE - Kakapora, Pulwama encounter: Three terrorists trapped at the site of encounter. Operation by Police and security forces underway. Details awaited. #JammuAndKashmir
— ANI (@ANI) April 2, 2021
An encounter has started at the Kakapora area in Pulwama district. Police and Security Forces are carrying out the operation. More details awaited: Jammu & Kashmir Police
— ANI (@ANI) April 1, 2021
इससे पहले जानकारी मिली थी कि कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा जिले से गुजरते हाइवे पर आतंकी अपना बेस बना रहे हैं। इन क्षेत्रों में आतंकी ओजी वर्करों और स्थानीय युवाओं को अपने संपर्क में लेकर हमलों की रणनीति तैयार कर रहे हैं। आतंकी इन रूट पर यात्रियों और सुरक्षाबलों के काफिलों को निशाना बना सकते हैं जिसमें आईईडी और स्टिकी बम इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
आतंकियों ने पहले भी इन जिलों के हाइवे और अन्य संपर्क मार्गों को हमलों के लिए इस्तेमाल किया है। दरअसल, आतंकियों की हर साजिश विफल हो रही है। पिछले तीन साल से आतंकियों की हर बड़ी साजिश नाकाम हुई है। इसमें झज्जर कोटली और नगरोटा में मारे गए आतंकी, दो बड़े आतंकी संगठनों के सरगना का पकड़े जाना, सीमा पार से आने वाले हथियारों की सप्लाई को बरामद करना और 100 से ज्यादा आतंकियों और ओजी वर्करों की धरपकड़ शामिल है।
दरअसल, हर मोर्चे पर मुंह की खा रहे आतंकी संगठन अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की फिराक में हैं। यात्रा से पहले कश्मीर में हमले तेज कर यात्रा प्रबंधों को बाधित करने और यात्रियों को डराने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में आतंकी हमले तेज हुए हैं। सुरक्षाबलों को निशाना बनाया जा रहा है, जो साजिश का हिस्सा है। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की इस साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। कश्मीर में सेना, सीआरपीएफ और प्रदेश पुलिस ने मिलकर आतंकियों से निपटने की रणनीति बनाई है।