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जम्मू-कश्मीर : दिल्ली में सर्वदलीय बैठक से पहले परिसीमन आयोग आज करेगा सभी डीसी से संवाद
Wed, 23 Jun 2021 04:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
बृजेश कमार सिंह, जम्मू
बृजेश कमार सिंह, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Jun 2021 04:04 AM IST
सार
- दो चरणों में 10-10 जिलों के डीसी से वर्चुअल होगी मीटिंग, नए सिरे से पीपीटी में मांगी गई जानकारियां
- परिसीमन में एसटी को नौ सीटें मिलने की उम्मीद, ओपन सीटों की संख्या घटेगी
- अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों का बदलेगा रोस्टर, दलों ने सरगर्मी की तेज
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- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ होने वाली सर्वदलीय बैठक से ठीक एक दिन पहले परिसीमन आयोग प्रदेश के सभी जिलों के डीसी से संवाद करेगा। दो चरणों में डेढ़ डेढ़ घंटे का वर्चुअल संवाद तय किया गया है। दोनों चरणों में 10-10 जिलों के डीसी के साथ आयोग संवाद करेगा।
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सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण सभी जिलों के डीसी से बात कर परिसीमन को लेकर राजनीतिक व अवाम की आकांक्षाओं व अन्य मुद्दों पर राय मशविरा करेंगे। एक चरण दोपहर से पहले और दूसरा दोपहर के बाद होगा। आयोग ने इससे पहले छह जून को सभी जिलों के डीसी से डेमोग्राफी तथा राजनीतिक आकांक्षाओं आदि की जानकारी मांग ली थी। इन्हीं जानकारियों को पीपीटी रूप में सोमवार को जिलों से मंगाई गई।
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वहीं, परिसीमन आयोग की ओर से जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के उपायुक्तों से 18 बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट के बाद राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। इस बात के प्रबल संकेत मिल रहे हैं कि आयोग अगस्त-सितंबर तक परिसीमन पूरा कर लेना चाहता है। संभावना है कि सभी सीटों में कुछ फेरबदल होगा। प्रदेश में विधानसभा की सात सीटें बढ़नी हैं। इसमें चार सीटें जम्मू और तीन सीटें कश्मीर के खाते में आने की संभावना है।
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आबादी के हिसाब से अनुसूचित जनजाति को भी पहली बार प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। दस प्रतिशत आबादी के लिहाज से आठ से नौ सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगी, जो ओपेन कोटे से ही जाएंगी। यानी ओपेन कोटे के लिए सीटें घटेंगी। परिसीमन के बाद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सात विधानसभा सीटों का रोस्टर बदल जाएगा। नियमानुसार दो विधानसभा चुनाव के बाद रोस्टर बदल जाना चाहिए लेकिन यहां चार चुनाव बिना रोस्टर बदले ही हो गए हैं। आरक्षित सभी सीटें जम्मू संभाग में ही हैं।
आयोग की दूसरी बैठक जल्द
जम्मू में रायपुर दोमाना, छंब, चिनैनी, सांबा आदि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनके ओपन होने की संभावना को देखते हुए अभी से सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से क्षेत्र में सरगर्मी बढ़ा दी गई है। कहा जा रहा है कि परिसीमन आयोग की ओर से जल्द ही दूसरी बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी सांसदों से विचार विमर्श किया जाएगा। दूसरी बैठक में नेकां के तीनों सांसदों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी व मोहम्मद अकबर लोन के भाग लेने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि आयोग की ओर से सभी डीसी से परिसीमन को लेकर वर्चुअल संवाद के बाद आयोग की दूसरी बैठक बुलाई जाएगी।
दूर होंगी विसंगतियां
सूत्रों के अनुसार परिसीमन के बाद सभी विसंगतियां दूर हो सकती हैं। आयोग ने प्रशासनिक चुनौतियों के मद्देनजर जानकारी मांगी है कि यदि कोई विधानसभा क्षेत्र एक से अधिक जिले में लगता हो, तहसील का दायरा एक से अधिक विस क्षेत्र में हो, पटवारी हलका, राजस्व गांव एक से अधिक विस क्षेत्र में आता हो।
आयोग ने माइग्रेशन करने वाली आबादी के बारे में भी जानकारी मांगी है ताकि उनकी भी चुनाव में हिस्सेदारी सुनिश्चित कराई जा सके। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या को लेकर व्यापक पैमाने पर विसंगतियां हैं। जम्मू संभाग में कुछ सीटों पर मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक भी है तो कश्मीर में कई सीटों पर मतदाताओं की संख्या 50 हजार से कम है। इसलिए आयोग ने अधिक और कम आबादी वाले इलाकों के बारे में भी जानकारी एकत्रित की है।